नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। ममता की रेल में गरीबों को 'इज्जत' मिलेगी, तो महिलाओं, युवाओं को भी अच्छी खासी रियायत। तत्काल सुविधा भी सस्ती हुई है। न्यूनतम तत्काल प्रभार मौजूदा 150 रुपये के बजाय अब 100 रुपये होगा। तत्काल किराए का ढांचा भी बदला जा रहा है। अब इसमें गंतव्य और यात्रा की शुरुआत स्थान के बीच प्रभार किराए के प्रतिशत के रूप में लगाया जाएगा। साथ ही तत्काल सुविधा की अग्रिम बुकिंग अवधि को 5 दिन से घटाकर 2 दिन किया गया है।
'इज्जत' ममता की नई योजना है। इसके तहत डेढ़ हजार रुपये मासिक से कम आय वालों को केवल 25 रुपये में 100 किलोमीटर की दूरी के लिए एमएसटी [मासिक सीजन टिकट] उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर कोई अधिभार भी नहीं लगेगा। यह अपनी तरह की पहली योजना है, जिसमें एमएसटी के तहत एक रुपये से भी कम प्रतिदिन के किराए पर रोजाना 100 किलोमीटर तक की यात्रा की जा सकेगी।
बालिकाओं के लिए स्नातक स्तर तक व बालकों के लिए 12 वीं स्तर तक स्कूल से घर तक द्वितीय श्रेणी में मिलने वाली निशुल्क मासिक सीजन टिकटें अब मदरसा, उच्च मदरसा व सीनियर मदरसा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी दी जाएंगी। यह सुविधा कोलकाता मेट्रो रेल में भी मिलेगी।
मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए रियायतों का दायरा बढ़ाते हुए उन्हें अब सभी ट्रेनों में 50 फीसदी की रियायत पर यात्रा टिकटें मिलेंगी। साथ ही साल में एक बार वह अपनी पत्नी या पति के साथ इतनी ही रियायत पर यात्रा कर सकेंगे। इस सुविधा के साथ उन्हें अब कूपन देने के बजाय फोटो प्रमाणपत्र कम क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिनको दिखाने पर सीधे काउंटरों से टिकट मिल सकेंगे। इसके तहत अब पत्रकार अपने परिवार के ऐसे सदस्यों को भी साथ बिठा सकेंगे, जो इस सुविधा को प्राप्त नहीं कर रहे हों।