मुंबई। ग्लोबल बाजार की कमजोरी और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर आशंका ने दलाल स्ट्रीट को लगातार चौथे दिन नीचे धकेल दिया। फंडों की बिकवाली के दबाव में बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का सेंसेक्स सोमवार को 103.90 अंक यानी 0.77 फीसदी गिरकर 13400.32 पर बंद हुआ। इस दिन नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 4000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। यह 29.85 अंक के नुकसान के साथ 3974.05 पर बंद हुआ।
एशियाई शेयर बाजारों में एक से 3.5 फीसदी तक की गिरावट देख घरेलू बाजार की भी नब्ज कमजोर पड़ गई। इसके साथ ही निवेशक कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजों को लेकर भी सतर्क बने हुए हैं। विश्लेषकों ने अप्रैल-जून की इस तिमाही के दौरान इंडिया इंक के नतीजे खराब रहने की आशंका जताई है।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 13405.95 अंक पर कमजोर खुला। इसके बाद यह लुढ़कते हुए सत्र के निचले स्तर 13219.99 अंक तक पहुंचा। बाद में आपरेटरों की शार्टकवरिंग व घरेलू संस्थागत निवेशकों की हल्की लिवाली ने सेंसेक्स को तेज गिरावट से बचा लिया। निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक के बढि़या वित्तीय नतीजों के बाद बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से भी बाजार को सहारा मिला। यह ऊंचे में 13461.68 अंक तक चढ़ गया, हालांकि यह इससे नीचे आकर बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों [एफआईआई] की लगातार बिकवाली ने बाजार धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है। एफआईआई जुलाई में अब तक 4037.64 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली कर चुके हैं। बीएसई में आईटी कंपनियों के शेयरों ने मजबूती दिखाई। इस वर्ग की तीनों दिग्गज कंपनियों-टीसीएस, इन्फोसिस व विप्रो के शेयर बढ़त पर बंद हुए। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 11 कंपनियों के शेयर मुनाफे में रहे, जबकि 19 को घाटा लगा।