
मुंबई। एविएशन क्षेत्र पर मंदी की चोट से कंपनियों से ज्यादा कर्मचारी घायल हो रहे हैं। ताजा मामले में देश की दिग्गज एविएशन कंपनी जेट एयरवेज ने अपने देश भर के 150 ट्रेनी टेक्नीशियनों को निकाल बाहर किया है। हालांकि कंपनी ने केवल 43 प्रशिक्षुओं को हटाने की बात मानी है। बीते साल दिसंबर में कंपनी ने 1600 कर्मचारियों की छुंट्टी कर दी थी। इसके बाद मचे राजनीतिक बवाल के चलते कंपनी को इन्हें वापस लेना पड़ा था।
छंटनी का शिकार बने एक टेक्नीशियन ने बताया कि इनमें 46 ट्रेनी अकेले मुंबई से हटाए गए हैं। वैसे इस मामले को राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना [मनसे] के कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ में ले लिया है। वे जेट एयरवेज के मैनेजमेंट के साथ बात कर रहे हैं। मनसे ने इन कर्मियों को काम पर वापस लेने की मांग की है।
हटाए गए टेक्नीशियन ने बताया कि एक साल की ट्रेनिंग बीतने के बाद मैनेजमेंट ने अप्रैल में प्रशिक्षण अवधि बढ़ा दी थी। तब मैनेजमेंट ने कहा था कि एविएशन क्षेत्र मंदी से जूझ रहा है, इसलिए उन्हें कन्फर्म नहीं किया जा रहा है। मैनेजमेंट के इस प्रस्ताव को प्रशिक्षुओं ने स्वीकार कर लिया था, लेकिन अब कंपनी ने हमारी सेवाएं ही समाप्त कर दी हैं। जेट के प्रवक्ता का कहना है कि इन ट्रेनी टेक्नीशियनों को करार की शर्तों के तहत ही हटाया गया है।