
नई दिल्ली। संवत 2066 के मुहूर्त कारोबार में तेजी की धारणा से इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार में मुनाफे का दौर बने रहने की संभावनाएं जगी हैं। ग्लोबल बाजारों में मंदी के बादल छंटने के साथ घरेलू आर्थिक मोर्चे पर गतिविधियों में सुधार होने से आने वाले हफ्तों में बाजार में पूंजी प्रवाह तेज होने की उम्मीद है।
पिछले सप्ताह जारी अगस्त के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक [आईआईपी] में 10 फीसदी से अधिक की तेजी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आर्थिक वृद्धि दर में सुधार की संभावना संबंधी बयान के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का रुख रहा। अंबानी बंधुओं में सुलह होने की उम्मीद ने भी बाजार की तेजी में अपना योगदान दिया। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशक प्रभावशाली शक्ति बन गए हैं। सप्ताह के दौरान इन्होंने करीब 4 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया। इन सबके बीच सप्ताह के दौरान बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टाक एक्सचेंज के निफ्टी में करीब चार फीसदी की तेजी आई और ये अपने 17 महीनों के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचे।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 17350.39 अंक और 16687.32 अंक के व्यापक दायरे में घूमा। यह तेजी के साथ 17322.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 196.95 अंक की तेजी के साथ सप्ताहांत 5,142.15 अंक पर बंद हुआ।