
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। रिलायंस इंडस्ट्रीज के डी-6 गैस ब्लाक से बिजली परियोजनाओं को ज्यादा गैस देने का सरकार का फैसला देश में बिजली उत्पादन की स्थिति को कुछ हद तक बेहतर बनाने में मदद करेगा। बिजली मंत्रालय का आकलन है कि डी-6 से मिलने वाली गैस से देश में पांच-छह हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। इस ब्लाक से सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी को गैस की आपूर्ति इस हफ्ते से ही शुरू हो जाएगी।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में गैस आवंटन पर गठित मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने मंगलवार को डी-6 से निकलने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा बिजली परियोजनाओं को देने का फैसला किया था। बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बुधवार को इसके लिए वित्त मंत्री मुखर्जी को साधुवाद भी किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बिजली क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए यह काफी कम है। शिंदे के मुताबिक बिजली क्षेत्र को अभी 14.6 करोड़ घन मीटर प्रति दिन के हिसाब से गैस की जरूरत है जबकि उसे केवल 3.3 करोड़ घन मीटर गैस का ही आवंटन किया गया है। इसके बावजूद यह फैसला देश में पांच-छह हजार मेगावाट बिजली की पैदावार संभव कर सकेगा।
उधर, देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनी एनटीपीसी जल्द ही डी-6 से गैस लेना शुरू कर देगी। कंपनी के बिजली संयंत्रों को इस हफ्ते से ही गैस की आपूर्ति शुरू हो जाने की उम्मीद है। एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच पिछले महीने 2.67 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन गैस आपूर्ति को लेकर समझौता हुआ था। एनटीपीसी के एक अधिकारी ने यहां बताया कि गैस लेने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस हफ्ते के दौरान ही गैस मिलनी शुरू हो जाएगी। यह गैस मंत्रियों के समूह के फैसले से अलग है।
एनटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि डी-6 से आने वाली गैस की आपूर्ति कंपनी के फरीदाबाद तथा अंता [राजस्थान] व दादरी [उत्तर प्रदेश] बिजली संयंत्रों को होगी।