
मुंबई। विदेशी बाजारों में गिरावट और कई बड़ी कंपनियों के कमजोर नतीजे दलाल स्ट्रीट के लिए आफत बन कर टूटे। रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत अधिकतर ब्लूचिप शेयरों में चौतरफा बिकवाली के चलते बाजार में पांच सत्रों से जारी गिरावट मंगलवार को और तेज हो गई। बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का सेंसेक्स इस दिन 491.34 अंक यानी 3.09 फीसदी का गोता लगा गया। यह संवेदी सूचकांक दो माह के निचले स्तर 15404.94 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले 3 सितंबर को यह 15398.33 अंक के स्तर पर था। इसी प्रकार नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 147.80 अंक यानी 3.14 फीसदी लुढ़ककर 4563.90 पर बंद हुआ।
एशियाई शेयर बाजार में गिरावट के चलते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स की 15838.63 अंक पर कमजोर शुरुआत हुई। हालांकि छिटपुट लिवाली से यह दोपहर तक 15957.06 अंक की ऊंचाई को छू गया। सरकारी प्रोत्साहन पैकेजों में कटौती को लेकर पहले से भयभीत दलाल स्ट्रीट पर यूरोपीय बाजारों के कमजोर खुलते ही मंदड़िए हावी हो गए। उन्होंने कारोबार के आखिरी घंटों में चौतरफा बिकवाली शुरू कर दी। इससे सेंसेक्स कारोबार बंद होने से कुछ मिनट पूर्व सत्र के निचले स्तर 15330.56 अंक तक लुढ़क गया। संवेदी सूचकांक में छह सत्रों में 1405.87 अंक यानी 8.36 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
एक तो रिलायंस के नतीजे उम्मीदों से कमतर रहे, ऊपर से नियंत्रक व महालेखा परीक्षक [कैग] द्वारा जल्दी ही कंपनी के खातों की जांच शुरू करने की खबर ने इसके शेयरों में बिकवाली बढ़ा दी। इससे सेंसेक्स में सबसे ज्यादा वजन रखने वाली इस कंपनी के शेयर में 5.73 फीसदी की गिरावट आई। देश की सबसे बड़ी अल्युमिनियम कंपनी हिंडाल्कों के शेयर 10 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए।
बिकवाली की मार से बीएसई का कोई भी सूचकांक बच नहीं पाया। रीयल स्टेट कंपनियों के सूचकांक ने सर्वाधिक 9.76 फीसदी का नुकसान उठाया। मेटल, पावर और हेल्थकेयर कंपनियों के शेयर भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में क्रमश: 3.74 व 4.50 फीसदी की गिरावट आई। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में केवल 3 [भारती एयरटेल, मारुति व सन फार्मा] के शेयर ही बढ़त बना पाए, बाकी 27 बिकवाली की बाढ़ में बह गए। इस दिन बीएसई में कुल कारोबार भी घटकर 5120.83 करोड़ रुपये रह गया।