समूह ऋण लेने में भारत अव्वल

 
Nov 03, 05:30 pm

नई दिल्ली। इस साल अभी तक भारतीय कंपनियों ने अपनी आगामी एवं मौजूदा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए रिकार्ड 38.5 अरब डालर जुटाए हैं जिससे समूह [सिंडिकेट] ऋण के मामले में भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र अग्रणी पायदान पर है।

वैश्विक सौदों पर नजर रखने वाली फर्म डीलाजिक की रपट के मुताबिक, इस साल सिंडिकेट ऋण का आकार बीते पूरे वर्ष के 38.1 अरब डालर के आकार को पार कर गया है और एशिया प्रशांत में भारत की हिस्सेदारी 23 फीसद है।

रपट के मुताबिक, इस साल अभी तक 108 सौदों के जरिए कुल 38.5 अरब डालर के सिंडिकेट ऋण भारतीय कंपनियों ने लिए जो बीते साल की इसी अवधि में लिए गए ऋण के मुकाबले 17 फीसद अधिक है।

सिंडिकेट ऋण वित्तीय संस्थानों के एक समूह द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(1) वोट का औसत

average:5
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • मंडी
    Add to My Yahoo! xml
  • सर्राफा
    Add to My Yahoo! xml
  • टैंकर-ट्रक भाड़ा
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित