
नई दिल्ली। इस साल अभी तक भारतीय कंपनियों ने अपनी आगामी एवं मौजूदा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए रिकार्ड 38.5 अरब डालर जुटाए हैं जिससे समूह [सिंडिकेट] ऋण के मामले में भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र अग्रणी पायदान पर है।
वैश्विक सौदों पर नजर रखने वाली फर्म डीलाजिक की रपट के मुताबिक, इस साल सिंडिकेट ऋण का आकार बीते पूरे वर्ष के 38.1 अरब डालर के आकार को पार कर गया है और एशिया प्रशांत में भारत की हिस्सेदारी 23 फीसद है।
रपट के मुताबिक, इस साल अभी तक 108 सौदों के जरिए कुल 38.5 अरब डालर के सिंडिकेट ऋण भारतीय कंपनियों ने लिए जो बीते साल की इसी अवधि में लिए गए ऋण के मुकाबले 17 फीसद अधिक है।
सिंडिकेट ऋण वित्तीय संस्थानों के एक समूह द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं।