नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। स्विस बैंकों में जमा काला धन वापस लाने के लिए सरकार स्विट्जरलैंड के साथ दोहरे कराधान संधि पर फिर से वार्ता करेगी। इसके लिए सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस महीने की 10-11 तारीख को स्विट्जरलैंड जाएगा।
सरकार का मानना है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों की काली कमाई को वापस लाने के लिए स्विट्जरलैंड सरकार के साथ अपनी संधि के प्रावधानों को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है। मौजूदा संधि के तहत स्विट्जरलैंड वहां बैंकों में जमा धन के बारे में जानकारी देने और उसे वापस भारत भेजने के लिए बाध्य नहीं है। जबकि सरकार को लग रहा है कि स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों का काफी ज्यादा ऐसा धन जमा है, जिसका कहीं लेखा-जोखा नहीं है।
इस मसले पर भारत और स्विट्जरलैंड सरकार के बीच 8 से 10 दिसंबर के बीच बैठक होनी है। आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में वित्त मंत्री ने बताया कि इससे पहले एक दल इसी महीने स्विट्जरलैंड रवाना हो रहा है। चूंकि स्विट्जरलैंड इस मसले पर अब बातचीत के लिए राजी हो गया है, लिहाजा भारत के लिए यह अच्छा अवसर होगा कि वह संधि में संशोधन करा सके। स्विट्जरलैंड से इस संधि पर बातचीत के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए सरकार ने अप्रैल, 09 में संपर्क किया था।
स्विट्जरलैंड अगर इस संधि में बदलाव के लिए राजी हो जाता है तो सरकार को स्विस बैंकों के उन सभी खातों के बारे में जानकारी उपलब्ध हो जाएगी, जिनमें कथित तौर पर भारतीयों का धन जमा है। जानकारी मिलने के बाद सरकार दोषियों पर कार्रवाई करके उन्हें जमा काला धन वापस भारत लाने के लिए बाध्य कर सकती है।