
नई दिल्ली। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और कम बारिश की वजह से कृषि क्षेत्र में विकास की दर चार फीसदी से कम रहेगी।
आर्थिक संपादकों के वार्षिक सम्मेलन में अहलूवालिया ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि इस साल कृषि क्षेत्र चार फीसदी की अधिक दर से विकास करेगा। इस क्षेत्र में वैसा विकास नहीं हो रहा जैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि इससे देश में खाद्यान्न का संकट पैदा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि कृषि क्षेत्र में वर्तमान दर से भी विकास होता रहे तो देश में खाद्यान्न का संकट पैदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें कृषि क्षेत्र में दो फीसदी की दर से अधिक विकास की जरूरत नहीं है।
अहलूवालिया ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सरकारी खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्यों में बढ़ोतरी से कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि हम जो कीमत की नीति अपनाते है वह पूरी तरह से समर्थित है। हमें यह स्वीकार करना पड़ेगा कि किसानों को आकर्षक कीमत मिले। पिछले तीन-चार वर्षो के दौरान हमने अपनी खरीद बढ़ाई है।
पिछले वित्त वर्ष के दौरान कृषि क्षेत्र में 1.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी, जबकि वर्ष 2007-08 के दौरान में इसमें 4.9 फीसदी का विकास हुआ था।