
बेंगलूर। अजीम प्रेमजी की कंपनी विप्रो लिमिटेड एफएमसीजी बाजार में भी प्रमुख ग्लोबल खिलाड़ी बनने की राह पर और आगे बढ़ गई है। इसी मकसद से कंपनी ने यार्डले का विदेशी कारोबार हथिया लिया है। कंपनी ने इस ब्रांड के मालिक ब्रिटेन के लोर्नामीड समूह के साथ 4.55 करोड़ डालर [करीब 214 करोड़ रुपये] में यह अधिग्रहण सौदा किया है। यार्डले पर्सनल केयर यानी सौंदर्य प्रसाधनों के वर्ग में प्रमुख ग्लोबल ब्रांड है। प्रेमजी की ही विप्रो टेक्नोलाजीज देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी है।
इस खरीद के साथ ही विप्रो की एफएमसीजी शाखा विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग की झोली में एक और नगीना आ गिरा है। इससे पहले विप्रो ने वर्ष 2007 में ऊंजा का अधिग्रहण किया था। विप्रो कंज्यूमर केयर के प्रेसीडेंट विनीत अग्रवाल ने बताया कि इस सौदे से कंपनी की मध्य पूर्व में मौजूदगी को खासी मजबूती मिलेगी। सौदे के तहत लोर्नामीड के पास केवल अमेरिकी व यूरोपीय कारोबार ही रह जाएंगे, जबकि एशिया, आस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों के कारोबार पर विप्रो का कब्जा होगा।