
नई दिल्ली। सरकार अखिल भारतीय स्तर पर दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनियों की लाइसेंस शुल्क में कटौती की मांग को संभवत: नहीं मानेगी। फिलहाल लाइसेंस शुल्क की दर छह से दस प्रतिशत के बीच है।
हाल में दूरसंचार मंत्री ए राजा की विभिन्न कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों [सीईओ] के साथ हुई बैठक में पूरे देश में फैली कंपनियों के लिए सालाना लाइसेंस शुल्क में कटौती की मांग उठी थी। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार विभाग [डाट] ने इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया था।
एक अधिकारी ने कहा कि हमारा अभी इस तरह का इरादा नहीं है। उसने कहा कि लाइसेंस शुल्क में कटौती के लिए सरकार की अनुमति जरूरी है तथा इससे सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा। बैठक में शामिल रहे उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि डाट करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करने वाले आपरेटरों के लिए लाइसेंस शुल्क में दो प्रतिशत की कटौती के पक्ष में है, लेकिन इसमें कुछ प्रक्रियागत विलंब हो रहा है।
एक समान लाइसेंस शुल्क पर डाट ट्राई की सिफारिशों का इंतजार कर रहा है।