
नई दिल्ली। भारत की आउटसोर्सिग कंपनियों के कारोबार में इस साल की तीसरी तिमाही में इजाफा हुआ है।
एक सर्वेक्षण के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कारोबारी धारणा में सुधार से भारतीय आउटसोर्सिग कंपनियों का कारोबार सुधरा है।
एवरेस्ट मार्केट विस्टा: तीसरी तिमाही 2009 की रपट में कहा गया है, भारत का आउटसोर्सिंग उद्योग मांग में सुधार के चलते आगे बढ़ रहा है। आउटसोर्सिंग गंतव्य के रूप में भारत को मिल रहे लाभ की वजह से भी उद्योग में तेजी आई है। भारत आधारित आपूर्तिकर्ता डिलीवरी क्षमता बढ़ाने तथा नए केंद्र खोलने पर निवेश कर रहे हैं।
रपट में कहा गया है कि 2009 की तीसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर आउटसोर्सिग गंतव्यों की संख्या 18 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। तीसरी तिमाही में 36 नए आपूर्ति केंद्रों की स्थापना हुई है, जबकि इससे पिछली तिमाही में 30 नए केंद्र बने थे।