
मुंबई। तेजड़ियों और मंदडियों की रस्साकशी के बीच दलाल स्ट्रीट लगातार तीसरे सत्र में तेजी का सिलसिला बनाए रखने में कामयाब रही। हालांकि सेंसेक्स शुक्रवार को मुनाफावसूली के चलते शुरुआती ऊंचे स्तर को बरकरार नहीं रख पाया। बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का यह संवेदी सूचकांक 94.38 अंक चढ़कर 16158.28 पर बंद हुआ। एक दिन पहले यह 16063.90 अंक पर बंद हुआ था। इसी प्रकार नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 30.60 अंक सुधरकर 4796.15 पर बंद हुआ। यह गुरुवार को 4765.55 अंक पर था।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 16137.42 अंक पर मजबूत खुला। यह तगड़ी लिवाली का सहारा पाकर 200 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 16283.86 के ऊंचे स्तर तक पहुंचा। हालांकि दोपहर बाद ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली ने इसे सत्र के निचले स्तर 16075.19 अंक तक लुढ़काया। तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच जोर-आजमाइश के चलते बाजार में यह भारी उठापटक देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों [एफआईआई] की लिवाली का भी दलाल स्ट्रीट को सहारा मिला। इस साल एफआईआई घरेलू बाजार में 69 अरब डालर से ज्यादा की पूंजी झोंक चुके हैं।
यह लगातार दूसरा दिन रहा, जब बड़ी कंपनियों [लार्जकैप] के मुकाबले छोटी [स्मालकैप] व मझोली [मिडकैप] के शेयरों में ज्यादा तेजी दर्ज हुई। इस दिन स्मालकैप सूचकांक में 2.24 व मिडकैप में 2.27 फीसदी का उछाल आया। सरकार द्वारा एक दिन पूर्व सार्वजनिक क्षेत्र की सभी मुनाफेवाली सूचीबद्ध कंपनियों में 10 फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश का ऐलान किया गया था। इससे सरकारी कंपनियों के शेयरों में खासी बढ़त देखी गई। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में 19 के शेयर फायदे में रहे, जबकि 11 में गिरावट आई।