
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो ]। सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक आईडीबीआई फिर से पूंजी बाजार में उतरने की योजना बना रहा है। बैंक का पब्लिक इश्यू [एफपीओ] जनवरी में आने की उम्मीद है लेकिन इश्यू के आकार का खुलासा अभी नहीं हुआ है।
आईडीबीआई बैंक के सीएमडी योगेश अग्रवाल के मुताबिक इस एफपीओ का आकार इस बात पर निर्भर करेगा कि केंद्र सरकार उसकी कितनी हिस्सेदारी लेने को राजी होती है। सरकार जितनी राशि बैंक में निवेश करेगी, इश्यू का आकार उसका दोगुना होगा।
केंद्र सरकार ने हाल ही में पुन: पूंजीकरण के उद्देश्य से बैंकों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराने का फैसला लिया था। इसके लिए सरकार विश्व बैंक से 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज समझौता भी कर चुकी है। इसी प्रक्रिया के तहत आईडीबीआई बैक को भी वित्तीय मदद मिलनी है। बैंक इस धनराशि के बदले सरकार को इक्विटी जारी करेंगे। अग्रवाल के मुताबिक इस मद में उनके बैंक की राशि तय हो जाने के बाद इश्यू का आकार निर्धारित हो पाएगा। आईडीबीआई बैंक में सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी 52 प्रतिशत है।
बैंक अब विदेशी मुद्रा में कर्ज की सुविधा भी मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बैंक पहले ही विदेशी बाजारों से डेढ़ अरब डालर की राशि जुटाने का फैसला कर चुका है। इसके अलावा दुबई में दिसंबर मध्य से बैंक की शाखा काम करने लगेगी। इसके बाद आईडीबीआई अपने कारपोरेट ग्राहकों को विदेशी मुद्रा में कर्ज भी उपलब्ध करा सकेगा।
नोएडा में आईडीबीआई बैंक होम लोंस की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद अग्रवाल ने कहा कि बैंक ने ज्यादा होम लोन देने के लिए देश भर में इस तरह की प्रदर्शनियां आयोजित करने का फैसला किया है। बैंक इस प्रदर्शनी में लोन लेने वालों को चौथाई फीसदी कम ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है। बैंक को उम्मीद है कि देश भर में इस तरह की प्रदर्शनियों के जरिए वह 2 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर पाएगा।