
मुंबई। भारतीय स्टेट बैंक [एसबीआई] ने अपने कुछ ग्राहकों को आहत किया है, तो कई को राहत भी पहुंचाई है। सबसे पहले राहत की खबर। एसबीआई ने होमलोन की 8 फीसदी ब्याज दर वाली विशेष रियायती स्कीम की अवधि 31 मार्च, 2010 तक बढ़ा दी है। इससे कम राशि के होमलोन लेने वाले ग्राहकों को कुछ और समय तक इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। यह योजना शनिवार यानी 7 नवंबर को खत्म हो रही थी। बैंक की इस विशेष योजना 'माई होम कैंपेन' के तहत 5 लाख रुपये तक के होमलोन पर पांच साल के लिए 8 फीसदी की फिक्स दर से ब्याज देनी होती है। इस योजना के साथ अधिकतम 10 वर्ष की अवधि का लोन लिया जा सकता है। पांच लाख से अधिक की रकम पर पहले साल 8 फीसदी की रियायती ब्याज दर लगती है। 50 लाख तक के अधिकतम होमलोन पर दूसरे व तीसरे साल 8.5 फीसदी ब्याज देनी होती है।
आहत करने वाली बात यह है कि देश के इस दिग्गज बैंक ने एफडी पर जमा दरों में आधा फीसदी तक की कटौती कर दी है। इससे बैंक एफडी पर निर्भर रहने वाले बुजुर्गों समेत अन्य ग्राहकों को नुकसान होगा। नई दरें 9 नवंबर से लागू होंगी।
एसबीआई ने 181 दिन से लेकर एक साल की मियाद वाली एफडी [फिक्स डिपाजिट] पर ब्याज दर 5.75 से घटाकर 5.25 फीसदी कर दी है। इसी तरह एक से दो साल की मैच्योरिटी वाली मियादी जमा पर 6 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलेगी। अभी यह दर 6.25 फीसदी है। वहीं 2 से 3 वर्ष के लिए ब्याज दर 6.75 के बजाय 6.5 फीसदी होगी, जबकि तीन से पांच वर्ष तक की एफडी पर 6.5 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलेगी। फिलहाल यह ब्याज दर 7 फीसदी है।