बिहार की राजधानी में नक्सली इस्तेमाल के जो हथियार बरामद हो रहे हैं, उनकी मात्रा और मारक क्षमता देख कर पुलिस की भी आंखें फटी रह गई। यह इस बात का संकेत है कि लाल उग्रवाद से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितनी बड़ी चुनौती देने की तैयारी हो चुकी है। रफ्तार...
रोगों पर किसी का नियंत्रण नहीं है। तमाम प्रयासों के बाद भी कभी किसी रोग का प्रकोप होता है तो कभी किसी अन्य का। कभी-कभी तो नयी-नयी बीमारियों का नाम सामने आता है। इन पर नियंत्रण के लिए नयी दवाएं खोजी जाती हैं। रोगों का इलाज करने के लिए विभिन्न...
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास कोहरे और धुंध की जो चादर अप्रत्याशित रूप से छाई और जिसके चलते आम लोगों की आशंकाएं भी बढ़ीं और बेचैनी भी उसके कारणों को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इससे शायद ही कोई इनकार करे कि यह बढ़ते प्रदूषण और मौसम में...
दिल्ली पुलिस का नाम आते ही जहन में अनेक डरावनी तस्वीरें उभरती हैं। अपराधियों को संरक्षण से लेकर बेगुनाहों को फंसाने, जोर-जबरदस्ती और अवैध निर्माण के नाम पर उगाही जैसे कुकृत्य दिल्ली पुलिस का नाम खराब करने के लिए काफी हैं। इस बात से कोई इन्कार...
हरियाणा में नई सरकार ने कमान संभाल ली है। मंत्रियों व संसदीय सचिवों के शपथ ग्रहण के साथ ही अब राजनीति चुनाव माहौल से हटकर सरकार के कामकाज की ओर रुख करेगी। जिन स्थितियों में यह सरकार बनी है उसमें उसका कामकाज सदैव कसौटी पर होगा। इस बार विपक्ष के भी...
उत्तराखंड के नौ साल के सफर को सकारात्मक मानने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। यह सही है कि इतने पर ही संतोष करने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन इन दौरान राज्य जिस भी मुकाम तक पहुंचा है, उसे कम नहीं आंका जा सकता। नया-नवेला होने के कारण यहां अभी...
दो सप्ताह पहले महाराष्ट्र विधान सभा के जो चुनाव परिणाम आये, उससे लगता है कि हिंसा की हद तक आक्रामक स्थानीयता अब राजनीति का फास्ट फूड है। यह देश की संघात्मक सेहत के लिए नुकसानदेह भले ही हो, कुछ लोग सत्ता का स्वाद पाने या बचाये रखने के लिए इससे...
उत्तर प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान जिस तरह संसाधनों के अभाव का सामना कर रहा है उसे देखते हुए इस पर आश्चर्य नहीं कि राज्य सरकार को छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने के कानून के क्रियान्वयन में अनेक कठिनाइयों...
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा की आंखों में आंसू भाजपा की बेबसी का परिचायक हैं। यह बेबसी धनबल की राजनीति को अपनाने और उसे बढ़ावा देने का दुष्परिणाम है। येद्दयुरप्पा के लिए सिरदर्द बन गए रेड्डी बंधुओं ने जिस तरह भाजपा नेतृत्व और यहां तक...