
वर्षोपहले मनोज कुमार की एक फिल्म रोटी कपड़ा और मकान के एक गीत की पंक्ति थी पहले मुठ्ठी बिच पैसे लेकर थैले भर शक्कर लाते थे, अब थैले में पैसे जाते हैं और मुठ्ठी भर शक्कर लाते हैं..। इस गीत का सार समझना बिल्कुल आसान है। वैसे तो आज महंगाई के बोझ तले ज्यादातर लोग दबे हुए हैं, लेकिन जहां तक उपरोक्त गीत की बात है, तो यह इस समय धारावाहिक कसम से में बानी की भूमिका निभा चुकीं प्राची देसाई पर एकदम फिट बैठ रहा है। दरअसल, प्राची इन दिनों घर की समस्या को लेकर जूझ रही हैं। बताया जाता है कि उन्होंने दिन-रात काम करके लगभग डेढ़ करोड़ रुपये जोड़ रखे हैं। उनका सपना है मुंबई के लोखंडवाला इलाके में एक कायदे का घर खरीदना। वे रोज चेक लेकर घर से निकलती हैं और तमाम इस्टेट एजेंट से मिलती हैं, लेकिन शाम को वे निराश मन के साथ अपने ठिकाने पर लौट आती हैं। प्राची की एक बहुत करीबी को-आर्टिस्ट के अनुसार, प्राची लोखंडवाला स्थित ओबेराय टावर में एक फ्लैट खरीदना चाहती हैं, लेकिन यहां किसी भी फ्लैट की कीमत दो सवा दो करोड़ से कम नहीं है। अब ऐसी स्थिति में प्राची के लिए पचास लाख और इकट्ठा करना इसलिए भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उन्होंने टीवी सीरियलों से खुद को अलग कर लिया है। वे अब फिल्मों में आने की कोशिश में हैं। ऐसे में इतना महंगा घर खरीदना और उसे मेंटेन करना, जो फ्लैट के अनुरूप ही होगा, प्राची के लिए आसान काम नहीं होगा!
प्राची से जब इस बारे में बात होती है, तो वे इन सारी बातों को सही मानते हुए आगे बताती हैं, अब मैं अगले साल ही अपना घर खरीदने का सपना पूरा करूंगी, क्योंकि अभी यह मुश्किल काम लग रहा है।
-मुंबई प्रतिनिधि