
नई दिल्ली। बालीवुड के ही मैन और मशहूर अभिनेता धर्मेद्र राजनीति में नए खिलाड़ी हैं, लेकिन लगता है उन्हें यह खेल रास नहीं आया। वह कहते हैं कि अभिनेताओं को नेता नहीं बनना चाहिए। इससे प्रशंसकों के बीच छवि बदल जाती है। हालांकि राजनीति में अपने पदार्पण को वह गलत कदम नहीं मानते हैं।
धर्मेद्र पर संसद और अपने संसदीय क्षेत्र से गैरहाजिर रहने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इन आरोपों को वह बेबुनियाद बताते हैं। उनका कहना है कि वह जनता के बीच काम करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जागरूकरहता हूं। बीकानेर में गंदे तालाब की सफाई हो, स्कूलों की बढ़ी हुई फीस वापस कराना हो, ओवरब्रिज बनवाने की बात हो या सरसों किसानों की समस्या हो, मैं हर समस्या का समाधान करने का भरपूर प्रयास करता हूं।
वैसे आने वाले दिनों में धर्मेद्र फिल्मों में भी सक्रिय रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सनी और बाबी सहित कई युवा कलाकारों के साथ उनकी फिल्में जल्द ही आने वाली हैं। अपनी दूसरी पत्नी हेमा मालिनी के साथ फिल्म में काम करने के बारे में उन्होंने कहा कि स्क्रिप्ट अच्छी हो तो ऐसा किया जा सकता है।
धमर्ेंद्र ने 73 वर्ष की उम्र में भी ताकतवर बने रहने का राज बताया। उन्होंने कहा कि वह आज भी कसरत और प्राणायाम करने से नहीं चूकते। बाबा रामदेव के बताए योगासनों का वह नियमित अभ्यास करते हैं।
फिल्मी दुनिया की तमाम शख्सियतों की तरह धर्मेद्र भी आत्मकथा लिखना चाहते हैं, लेकिन इसमें वह अपनी भावनाओं को तवज्जो देंगे। बीकानेर से सांसद धर्मेन्द्र ने बताया कि मैं सही समय आने पर आत्मकथा लिखूंगा। यह असली धर्मेद्र के बारे में होगी। लोगों को मेरे जीवन की घटनाओं का पता है लेकिन मैं इसमें अपनी भावनाओं के बारे में लिखूंगा।