मानसून में जींस का मैजिक

 
Jul 03, 10:21 pm

'कम्बख्त इश्क' की प्रेस कांफ्रेंस में घुटनों से फटी जींस पहन कर करीना कपूर ने फैला दी सनसनी। क्या मानसून के मौसम में सड़कों पर दिखेगा यह ट्रेड..

फैशन आते-जाते रहते है, लेकिन जींस का जलवा सदाबहार है। बस इसमें कुछ बाहरी बदलाव करने की जरूरत होती है और एक नया ट्रेड शुरू हो जाता है। उदाहरणस्वरूप सामान्य सी जींस में क्रिस्टल, मनकों और सुनहरे गोटे की किनारियां लगाकर इसको खास अवसरों पर पहना जाने वाला परिधान बनाया जा सकता है। इसके दीवाने आज ग्लैमर जगत में भी कम नहीं है।

डिजाइनर मोनिका वरियानी कहती है, ''मानसून जींस के पहनने का आदर्श समय है, क्योंकि इसे पहन कर बारिश और जलभराव में भी आप असहज महसूस नहीं करती है। जींस कठोर होती है और इसे नाजुक कपड़ों की तरह अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है। इसके साथ ही इस तथ्य को भी जोड़ लीजिए कि इसे कई रूपों में पहना जा सकता है और फिर आप यह बात अच्छी तरह से समझ जाएंगी कि क्यों लड़कियां किसी अन्य कपड़े की तुलना में जींस को वरीयता दे रही है? जींस को घरेलू कामकाज के दौरान भी पहना जा सकता है और इसी के साथ ही इसे आकर्षक टॉप तथा आभूषणों के साथ पहन कर पार्टी में भी रंग जमाया जा सकता है।''

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि जैसा करीना ने किया है, आने वाले महीनों में मेट्रो शहरों की अधिसंख्य लड़कियां वैसा ही करती नजर आएंगी।

[खुले दृष्टिकोण की परिचायक]

निहारिका ओबेराय स्पष्ट करती हैं, ''यह परिधान स्वतंत्रता और जीवन के प्रति खुले दृष्टिकोण का परिचायक समझा जाता है। कुछ तो आकर्षण का केंद्र बनने के लिए भी कटी-फटी जींस धारण करेगी। फिर जींस को युवा विचारधारा तथा दुनिया को चुनौती देने का प्रतीक भी माना जाता है। यही वजह है कि हर फैशन सीजन में जींस की लोकप्रियता यूथवियर के रूप में बरकरार रहती है।''

[विशिष्ट अभिव्यक्ति का माध्यम]

एक युवा मॉडल शायला मोहन कहती है, ''कटी-फटी जींस पहनने वाली की विशिष्ट अभिव्यक्ति दर्शाती है। अधिसंख्य लड़कियां घुटनों के पास कटी हुई जींस पहने दिखेंगी, तो वे जो अपनी बोल्डनेस को प्रदर्शित करना चाहती है, ऐसी जींस चुनेंगी जो नितंबों के ठीक नीचे अथवा जाँघों के ऊपर कटी हुई हो। आइटम गर्ल राखी सावंत अथवा बॉलीवुड सनसनी मल्लिका शेरावत को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। इसके पीछे ध्यान खींचने तथा दृष्टिकोण प्रदर्शित करने का विचार काम करता है। यदि जींस घुटनों के पास भी कटी-फटी हो तो भी यह रूढि़वादी समाज के प्रति महिला के विद्रोह का संदेश देती है।''

[हर वर्ग के लिए है उपलब्धता]

आज विशिष्ट वर्ग से लेकर आमजन तक, जींस सभी उत्सवों में फैशनवियर के रूप में स्वीकार की जा चुकी है। कॉलेज से कार्यालय और कार्यालय से पार्टी तक, कोई महिला कहीं भी जींस पहन सकती है। बस मूड बदलने के लिए एस्सेसरीज और टॉप में परिवर्तन कर लिया जाता है। भले ही धनाढ्य परिवारों की महिलाएं ब्रांडेड जींस पहनती हों, लेकिन औसत कामकाजी महिलाओं अथवा कॉलेज छात्राओं के बजट में फिट बैठने वाली बेहतर जींस भी आज कपड़ों की लगभग हर दुकान पर उपलब्ध है। डेनिम पर विभिन्न प्रयोग करने वाले डिजाइनर कई लुक्स में जींस तैयार करते है और इन्हीं की नकल फैशन स्टोर्स पर औसत महिलाओं के लिए उपलब्ध हो जाती हैं। और ऐसा ही शायद करीना-जींस यानी कटी-फटी जींस के साथ हो जाए।

[विमला पाटिल]




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