ढोल बजा फिटनेस का

भारत में अक्सर लोग शादी-ब्याह और अन्य मौकों पर पारंपरिक संगीत की मस्ती में झूमते नजर आते है। वर्कआउट के दौरान लोक संगीत बजाने की बात सुनकर शायद आप हैरान रह जाएंगे, पर अमेरिका में यह ट्रेड इन दिनों लोगों को काफी लुभा रहा है। अमेरिका के अनेक जिमों में अब अंग्रेजी म्यूजिक नहीं, बल्कि भांगड़ा की धुन सुनाई देती है। भांगड़ा की धुन पर वर्कआउट की यह शैली कहलाती है मसाला भांगड़ा। इसे ईजाद किया है भारतीय मूल की प्रशिक्षक सरीना जैन ने।

भारतीय डांस पर आधारित मसाला भांगड़ा उन सभी लोगों को आकर्षित करता है, जिन्हे डांस और संगीत में खास रुचि है। वर्कआउट का यह तरीका हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त है। इसका डांस और म्यूजिक बॉलीवुड संगीत और पंजाब के भांगड़ा डांस से प्रभावित है। इसके जरिए लोग न सिर्फ अपनी फिटनेस बरकरार रख सकते है, बल्कि उन्हे भारतीय संस्कृति को भी जानने का मौका मिलता है। मसाला भांगड़ा को अमेरिकन फिटनेस बोर्ड और अमेरिका की ऐरोबिक्स एंड फिटनेस एसोसिएशन से भी प्रमाणन हासिल है।

सरीना ने बचपन में ही अपने पिता को खो दिया था। उनके पिता की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई थी। सरीना पर पिता की मौत कर इतना असर पड़ा कि उन्होंने फिटनेस ट्रेनिंग को अपना कॅरियर बना लिया। सरीना का ताल्लुक राजस्थान से है, पर उन्हे ऊर्जा से भरपूर भांगड़ा से कुछ ज्यादा लगाव है। मसाला भांगड़ा करने वाले लोगों के अनुसार इसमें वर्कआउट के साथ ही मनोरंजन भी हो जाता है। वहीं थकावट भी महसूस नहीं होती है।

सरीना के मसाला भांगड़ा की कई वीडियो सीडी भी बाजार में आ चुकी है। वह अब भारत में भी मसाला भांगड़ा को लोकप्रिय बनाना चाहती है।

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