
रणबीर कपूर की चौथी फिल्म अजब प्रेम की गजब कहानी में रणबीर का नाम प्रेम है। वह फिल्म में अजब सा किरदार निभा रहे हैं। पेश है रणबीर से बातचीत-
[वेक अप सिड के बाद क्या प्लान किया?]
मैंने कोई प्लानिंग नहीं की है। मैं स्क्रिप्ट सुनने के बाद हां या ना कहता हूं। मैं यह नहीं सोचता कि अभी रोमांटिक कर ली तो चलो अब कामेडी करते हैं। फिर थ्रिलर करूंगा। मुझे तो अच्छे डायरेक्टरों के साथ अच्छी फिल्में करनी हैं और अच्छे किरदार निभाने हैं।
[सांवरिया से लेकर अब तक आए बदलाव को कैसे देखते हैं?]
मैं आज जो भी हूं, वह सांवरिया की वजह से ही हूं। मैं मानता हूं कि एक्टर की पहचान हर नयी फिल्म के साथ मजबूत होनी चाहिए। देखते हैं आगे का सफर कैसा रहता है? मेरा मुकाबला अपने समकालीनों से नहीं है। अगर मुझे सबसे बड़ा एक्टर और स्टार बनना है तो मेरा मुकाबला सलमान खान,आमिर खान, शाहरूख खान और रितिक रोशन से होगा। निश्चित ही मैं उनसे छोटा हूं और अभी सालों मेहनत करनी होगी। अगर उनका आधा भी अचीव कर सका तो मेरी खुशनसीबी होगी। मेरा एक ख्वाब है कि मैं एक फिल्म बनाऊं।
[कपूर परिवार का दारोमदार आप पर है। सभी की निगाहें लगी हुई हैं?]
मुझे मालूम है कि मैं किस परिवार से हूं। मेरा परिवार 75 सालों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा है। उस जिम्मेदारी का एहसास है। मुझे उसके साथ अपनी पहचान भी बनानी है। कल को लोग मुझे रणबीर कपूर के नाम से जानें। फिल्म तो बनानी ही है।
[संतोषी जी को अजब प्रेम की गजब कहानी के लिए हां कहने की खास वजह क्या थी?]
डायरेक्टर कोई भी हो। मेरे लिए फिल्म की स्क्रिप्ट अहम है। मेरी नजर में नए-पुराने का भेद सिर्फ ऊपरी होता है। हर डायरेक्टर में फिल्म के प्रति समान पैशन रहता है। उन्हें कुछ कहना होता है।
[अंत में प्रेम के बारे में कुछ बताएं?]
मेरा नाम प्रेम शंकर शर्मा है। वह नेक लड़का है। उसे कोई काम नहीं करना है। उसने अपने निकम्मे दोस्तों के साथ हैप्पी क्लब खोला है। बीवी का झगड़ा हो या फ्रेंडस का लफड़ा हो ़ ़ ़ वह सभी की मुसीबतें दूर करता है। मैंने ऐसा कैरेक्टर देखा नहीं है। वह खुद प्रेम में पड़ता है तो क्या-क्या होता है? उसी गजब कहानी को आप इसमें देख सकेंगे।
[अजय ब्रह्मात्मज]