
जब पढ़ाई से थकने के बाद अमिता चौधरी (परिवर्तित नाम) का मन नए बॉलीवुड गीत सुनने का करता है तो वह उन्हे इंटरनेट से फ्री में डाउनलोड कर लेती हैं। अवैध रूप से डाउनलोड हुआ यह संगीत उनके मोबाइल पर ट्रांसफर होकर ब्ल्यूटूथ के जरिये दोस्तों के पास भी पहुंच जाता है। यह काम वह लगभग हर दिन करती हैं। गाजियाबाद निवासी इस 19 वर्षीया छात्रा की राय है, ''यही तो इंटरनेट की सबसे बड़ी खूबी है कि यहां मुफ्त में और आराम से मनचाहा संगीत उपलब्ध हो जाता है। मैं किसी भी समय हर तरह का बॉलीवुड संगीत विभिन्न वेबसाइटों से प्राप्त कर सकती हूं।''
अमिता के म्यूजिक डाउनलोड करने और आसानी से उसे दोस्तों में बांटने के दिन अब कुछ ही रह गए है क्योंकि भारत सरकार इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी पाइरेसी एक्ट को और अधिक कड़ा करने जा रही है। इसके तहत किसी भी रूप में पायरेटेड म्यूजिक के साथ पकड़े जाने पर दो साल जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इसके अलावा डीवीडी और सीडी की जालसाजी पकड़ने के लिए इसी वर्ष बॉलीवुड के चार बड़े स्टूडियो ने प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म्स से अनुबंध भी किया है।
बीते तीन वर्षो में भारतीय संगीत जगत में आर्थिक रूप से बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जो म्यूजिक इंडस्ट्री तीन वर्ष पूर्व 8.3 अरब रुपए की थी वह वर्ष 2009 में गिरकर 7.3 अरब रुपए तक सीमित रह गई है। इसका पहला कारण यह है कि नई पीढ़ी के युवा सीडी और ऑडियो कैसेट खरीदने की बजाए संगीत को डिजिटल रूप में प्रयोग करने पर अधिक दिलचस्पी दिखा रहे है। दूसरा कारण, डिजिटल उपकरणों की कीमतों में हो रही कमी और बढ़ती हुई पाइरेसी है।
दिन-प्रतिदिन हो रहे इस नुकसान से बचने के लिए बॉलीवुड ने प्रयोग प्रारंभ कर दिए है। इसके तहत उठाए गए पहले कदम में म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज ने नई फिल्म ब्ल्यू का संगीत पोर्टेबल यूएसबी मेमोरी स्टिक और मोबाइल फोन कार्ड पर भी देने का फैसला किया है। यह फिल्म संजय दत्ता व अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों और ऑस्ट्रेलियन सिंगर कायली मिनॉग से सजी है। टी-सीरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार के अनुसार यह तरीका अमिता जैसे युवाओं को गैरकानूनी काम करने से रोकेगा। वह कहते है, ''बॉलीवुड संगीत को डिजिटल युग में ले जाने का यह एक मजबूत कदम होगा। हम संगीत को मोबाइल कार्ड और पेन ड्राइव में इसलिए देना चाहते है, क्योंकि इन्हे टेक्नोसैवी युवा हमेशा अपने साथ रखते है।'' एक अन्य म्यूजिक कंपनी सारेगामा भी इस तकनीक को अपनाने पर विचार कर रही है।
भूषण कुमार के अनुसार, ''मोबाइल फोन के जरिये बॉलीवुड संगीत युवा ग्राहकों तक पहुंचने से संगीत की खपत में बहुत अधिक बदलाव आएगा। भारत टेलीकॉम की दुनिया में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इस साल मोबाइलधारकों की संख्या 40 करोड़ पार कर गई है और ऐसी स्थिति में अगले वर्ष यह संख्या 50 करोड़ तक पहुंच सकती है!''
[सैय्यद अबू साद]