बर्लिन। यदि चिकित्सकों के पास मरीजों की कमी हो रही है तो इसका यह मतलब नहीं की लोग बीमार नहीं पड़ रहे है। हो सकता है कि लोग चिकित्सकों की अपेक्षा इंटरनेट पर अपने बीमारियों का समाधान ढूंढ रहे हों।
एक अध्ययन में पाया गया है कि आजकल लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने पर वे चिकित्सकों के पास न जाकर सीधे 'नेटडाक्टर डॉट डी और लाइफलाइन डॉट डी डॉट' जैसी वेबसाइटों की शरण में जा रहे है। ये वेबसाइट उन्हे चिकित्सकीय सलाह प्रदान कर रहे है।
बर्लिन में एजेंसी फॉर क्वालिटी इन मेडिसिन [एएफक्यूएम] के डागमर वेलर्रोल गोंजाल्स ने बताया कि लोगों का रुझान मेडिकल वेबसाइट पर होने के कारण उनमें भ्रम की स्थिति देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि हमने जांच में एक हजार ऐसे मेडिकल वेबसाइटों की सूची बनाई है, जो वेबसाइट पर चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया करा रहे हैं। मरीजों को यह जानना बेहद जरूरी है कि इन वेबसाइटों के माध्यम से कौन लोग है जो चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। कई बार यह सिर्फ विज्ञापन साबित होते है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों को हमेशा सावधान रहना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि वेबसाइट मरीजों को भ्रमित कर देती हैं। इसलिए किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए न कि 'वेबसाइट चिकित्सकों' पर निर्भर होना चाहिए।