स्नैक्स-साफ्ट डि्रंक्स तो कम ही अच्छे

 
Oct 31, 04:30 pm

वाशिंगटन। बदलती जीवनशैली व समय की कमी लोगों के खानपान पर सबसे ज्यादा असर डाल रही है। क्या बच्चे और क्या बडे़, उपयुक्त भोजन को दरकिनार कर लोगों में स्नैक्स व साफ्ट डि्रंक्स के सेवन की प्रवृत्ति बढ़ी है। यह प्रवृति करोड़ों लोगों की सेहत पर चोट साबित हो रही है। एक नए शोध के मुताबिक स्नैक्स व शीतल पेयों में पाए जाने वाले शर्करायुक्त तत्व उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ाते हैं।

कई खाद्य पदार्थो व पेयों को मीठा बनाने के लिए हाई फ्रक्टोस कार्न सीरप का प्रचुरता से प्रयोग किया जाता है। एचएफसीएस को एक अच्छा स्वीटनर माना जाता रहा है। करीब 20 साल पहले शुरू हुआ फ्रूट शुगर फ्रक्टोस का प्रचलन पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। इसे मोटापे में वृद्धि का कारण भी माना जा रहा है। वैज्ञानिकों की राय में फलों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले फ्रक्टोस का भी अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

फ्रक्टोस की ज्यादा मात्रा के चलते लिवर खून में वसा की ज्यादा मात्रा भेजता है, जिससे रक्तवाहिनियों के नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिका में किए गए शोध में साढ़े चार हजार ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनके परिवार में उच्च रक्तचाप जैसी कोई समस्या नहीं थी। इन लोगों से उनके भोजन खासकर जूस, साफ्ट डि्रंक्स व स्नैक्स के बारे में जानकारी जुटाई गई। शोध में 74 ग्राम फ्रक्टोस के प्रतिदिन सेवन को उच्च रक्तचाप के लिए जिम्मेदार पाया गया। कोलोराडो यूनिवर्सिटी की डा. डायना जलाल ने बताया, 'शोध से साफ है कि फ्रक्टोस की उच्च मात्रा का सेवन सीधे तौर पर उच्च रक्तचाप से संबंधित होता है।'




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