अमेरिका: हमलावर को सैन्य अस्पताल भेजा गया

 
Nov 07, 02:01 pm

ह्यूस्टन। अंधाधुंध गोलीबारी कर 13 सैनिकों की हत्या करने के आरोपी अमेरिकी सेना का मनोचिकित्सक मेजर निदाल मलिक हसन कोमा में है और सुरक्षा कारणों से उसे असैन्य से सैन्य अस्पताल भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। हसन की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई गई है उसे कृत्रिम श्वसन प्रणाली पर रखा गया है। उधर, गोलीबारी की चपेट में आए लोग अब भी अस्पतालों में मौत से जूझ रहे हैं। हत्या की कारणों का पता लगाने के प्रयास में जांचकर्ता हसन के कोमा में होने के कारण परेशान हैं।

सेना के एक अधिकारी ने कहा कि 13 लोगों की हत्याओं के मामले में संदिग्ध को सुरक्षा कारणों से असैन्य से सेना के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब जांचकर्ता उन सभी कारणों का खुलासा करने में लगे हैं जिस कारण हत्यारे ने अमेरिकी सैन्य अड्डे में हत्याकांड को अंजाम दिया।

जांचकर्ताओं ने टेक्सास में किलीन स्थित उसके घर की तलाशी के दौरान हसन का कंप्यूटर जब्त किया है। हत्या का मकसद के बारे में पता लगाने के लिए उन्होंने आरोपी के कूड़े में भी खोजबीन की है। गोलीबारी करने के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने हसन पर चार गोलियां दागी जिससे वह कोमा में चला गया।

अस्पताल सूत्रों ने कहा कि उसे लगे कुछ जख्म बहुत गंभीर हैं और वह शायद बच नहीं सकता। इसी वजह से जांचकर्ता पूछताछ के लिए इतने बेचैन हैं।

अस्पताल में 23 घायल भर्ती हैं और उनमें से आधे को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। हमले में 30 घायल हुए थे। मेजर की गोलीबारी के बाद त्वरित प्रतिक्रिया की सैन्य अड्डे के कमांडर ने सराहना की है और कहा कि इससे कई लोगों की जान बच गई।

बहरहाल हसन के परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें इस बात का पता नहीं कि किस कारण से उसने गोलीबारी की। वर्जीनिया में रहने वाली उसकी चचेरी बहन नादिर हसन ने ई-मेल से इस संबंध में जानकारी दी है।

नादिर ने कहा कि हम बता नहीं सकते, न ही माफी मंाग सकते। यह हमारी समझ से बाहर है क्या हुआ था। अमेरिकी सेना के चीफ आफ स्टाफ जनरल जार्ज केसी ने कहा कि सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वह मुस्लिम सैनिकों पर बदले की कार्रवाई की आशंका को लेकर बहुत चिंतित हैं।

ओबामा ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि हमें इन सब का उत्तर नहीं पता है। जब तक पूरे तथ्य नहीं मिल जाते मैं लोगों से किसी नतीजे पर पहुंचने से मना करता हूं।

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आदेश दिया है कि शोक में व्हाइट हाउस और अन्य संघीय इमारतों का राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। जबतक अधिकारी जांच पूरी नहीं करते लोगों से किसी नतीजे पर पहुंचने से उन्होंने मना किया।

इस गोलीबारी कांड के मद्देनजर ओबामा ने अपनी जापान यात्रा को एक दिन के लिए टाल दिया है। फोर्टहुड में मृतकों की याद में मौन रखा गया और अमेरिका के अन्य सैन्य अड्डों में भी सम्मान व्यक्त किया गया।

शोक में विश्वभर में अमेरिकी बल मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में राष्ट्रपति ने देश के सबसे बड़े सैन्य अड्डे में इस गोलीबारी को शौर्य का परिचय देते हुए समाप्त करने की सराहना की।

ओबामा ने कहा कि वे नस्ल, आस्था और क्षेत्र से अमेरिकी हैं। वे ईसाई और मुस्लिम हैं। यहूदी और हिंदू हैं तथा नास्तिक हैं। ओबामा ने तनावों को शांत करने के लिए देशवासियों को उनकी विविधता का स्मरण कराया।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गोलीबारी में मारे गए लोगों के शव भी उसी शवगृह में रखे गए हैं जहां अफगानिस्तान तथा इराक के युद्ध में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीर को रखा जाता है।

मालवाहक विमान ए सी-17 से 13 मृतकों को डोवर हवाईअड्डे ले जाया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शरीक होंगे। इस हमले के पीछे संदिग्ध के मकसद का पता लगाने के प्रयास में जांचकर्ता घटनास्थल पर खोजबीन अभियान जारी रखे हुए हैं।

माना जाता है कि सैनिकों ने गोलीबारी से पहले संदिग्ध को 'अल्लाह हो अकबर' का नारा लगाते हुए सुना था। फोर्ट हुड में सेना के डिप्टी कमांडर कर्नल जान रोसी ने कहा कि संदिग्ध ने अपने पिस्तौल से 100 से अधिक गोलियां चलाई थी। यह कोई सैन्य मुद्दा नहीं है क्योंकि यह एफ -5.7 पिस्तौल निजी उपयोग के लिए स्थानीय तौर पर खरीदा गया था।

अब अधिकारी उस कारण का पता लगाने के प्रयास कर रहे हैं जिस मानसिक हताशा से उसने इतने सैनिकों की हत्या कर दी। चरमपंथियों से जुड़ी कई वेबसाइटों से उसके संबंध होने की संभावना को लेकर जांच की जा रही है।

हसन को अफगानिस्तान में तैनात किया जाना था। ग्रेजुएट कार्यक्रम में उसके साथ रहे चिकित्सक ने कहा कि उसने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध को इस्लाम के खिलाफ युद्ध कहा था। उसके सहपाठी वाल फिनेल ने कहा कि वर्ष 2007 में जब वह मास्टर्स डिग्री में पब्लिक हेल्थ का छात्र था तो उसने एक कक्षा में कहा था कि अमेरिका के आतंकवाद विरोधी अभियान में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है।

लास एंजिलिस में एक चिकित्सक फिनेल ने कहा कि युद्ध के बारे में वह काफी मुखर था, मुस्लिमों को आगे किए जाने और उनके पीछे अमेरिकियों को किए जाने की बातें कहता था।

फिनेल ने कहा कि सेना में मुस्लिमों की प्रताड़ना के कारण वह हमेशा चिंतित रहा करता था। गोलीबारी के बारे में उसने कहा कि उसके अतीत से जुड़ी चीजों के बाद मैं इसे लेकर आश्चर्यचकित नहीं हूं। मैं स्तब्ध हूं लेकिन आश्चर्यचकित नहीं।




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