बीजिंग। चीन में आए विनाशकारी भूकंप के पांच दिन बाद राहत और बचाव कार्य को और तेज कर दिया गया है। इस भूकंप में 29 हजार लोगों के मरने की पुष्टि हो गई है। इसके 50 हजार तक पहुंचने की संभावना है। वहीं चीन के वेनचुआन में फिर जोरदार झटका महसूस किया गया, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 6.5 रिकार्ड की गई।
भूकंप में ध्वस्त इमारतों के मलबे में फंसे हजारों लोगों को निकालने के लिए बचावकर्मी तथा सैनिक विभिन्न उपकरणों को इस्तेमाल कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वेनचुआन में फिर भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 6.5 आंकी गई। राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भी इस विपरीत परिस्थिति से निपटने तथा हर कठिनाई पर विजय प्राप्त करने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि 7.8 तीव्रता का चीन में पिछले 30 साल में आया यह सबसे विनाशकारी भूकंप है। मलबे में अब भी हजारों लोग फंसे हुए हैं जिनके जीवित होने की संभावना कम ही है। हालांकि कुछ अजूबे भी सामने आ रहे हैं। वेनचुआन में मलबे में से एक जर्मन पर्यटक को 114 घंटे बाद जीवित निकाल लिया गया। चीनी प्रधानमंत्री वेन जिआबाओ ने इसे 1949 में चीन के निर्माण के बाद सबसे विनाशकारी दुर्घटना करार दिया है। बचावकार्य के लिए एक लाख 30 हजार सैन्य और पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। जापान का भी एक सहायता दल इसमें सहयोग कर रहा है।
ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन ने सिंगापुर, रूस और दक्षिण कोरिया के बचाव दल को अपने यहां आने की अनुमति दी है। भूकंप क्षेत्र में किसी तरह की महामारी फैलने की खबर नहीं है।