
मेलबर्न। मोटापा व्यक्ति को सुस्त ही नहीं बनाता, बल्कि इसे डायबिटीज सहित कई बीमारियों की जड़ भी माना जाता है। हालिया शोध के मुताबिक ओवरवेट [सामान्य से ज्यादा वजन] और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।
शोध के मुताबिक ओवरवेट और ब्लड शुगर से पीड़ित महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा 50 फीसदी अधिक पाया गया। यूनिवर्सिटी आफ मेलबर्न, स्वीडन की उमीया यूनिवर्सिटी और जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर के डाक्टरों द्वारा 1985 से 2005 तक किए गए इस संयुक्त अध्ययन में 60 हजार महिलाओं को शामिल किया गया। अध्ययन में शामिल किए जाने के वक्त महिलाओं में कैंसर के कोई लक्षण नहीं थे।
शोध में मोटापे और डायबिटीज से संबंधित मसलन, रक्त में ग्लूकोज, इंसुलिन के स्तर और अन्य हार्मोन संबंधी परीक्षण किए गए। अध्ययन में शामिल ऐसी 600 महिलाओं, जिनमें शुरुआत में डायबिटीज के लक्षण पाए गए थे, में कैंसर होने की संभावना पाई गई। साथ ही ओवरवेट या इंसुलिन न लेने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा ज्यादा पाया गया।
शोधकर्ताओं ने स्तन कैंसर के जल्द इलाज को फायदेमंद बताया क्योंकि देर करने पर इससे होने वाली तकलीफ भी बढ़ती जाती है। शोधकर्ता ग्राहम जाइल्स ओवरवेट या मोटापे से बचने के लिए संतुलित भोजन और कसरत के जरिए चुस्त-दुरुस्त रहने की सलाह देते हैं।