
लंदन। हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्त चाप को दिल की बीमारी के लिहाज से खतरनाक बताया जाता है। लेकिन, 40 की उम्र के करीब हाई ब्लड प्रेशर की समस्या याददाश्त के लिहाज से भी खतरनाक हो सकती है। हालिया अध्ययनों के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर से पीडि़त अधेड़ उम्र के लोगों में डिमेंशिया [याददाश्त खोना] का खतरा छह गुना तक बढ़ जाता है।
पूर्व में किए गए शोधों में हाई ब्लड प्रेशर को दिल की बीमारियों, मसलन हार्ट अटैक और किडनी खराब होने के लिए जिम्मेदार बताया गया था। अल्जाइमर्स सोसायटी और लंदन के इंपीरियल कालेज के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए संयुक्त अध्ययन में अधेड़ उम्र में होने वाले हाई ब्लड प्रेशर और याददाश्त संबंधी समस्याओं के बीच गहरा संबंध पाया गया।
'द डेली टेलीग्राफ' में छपी खबर के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर से वेस्कुलर डिमेंशिया का खतरा छह गुना तक बढ़ जाता है। गौरतलब है कि वेस्कुलर डिमेंशिया अल्जाइमर्स के बाद डिमेंशिया का दूसरा सबसे प्रचलित स्वरूप है। अल्जाइमर्स सोसाइटी के अनुसार कम नमक खाने, नियमित कसरत करने, धूम्रपान से बचने, वजन को नियंत्रण में रखने और दवाओं के सेवन से ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोका जा सकता है।