
दुबई। एक निर्माण कंपनी में काम कर रहे करीब 23 सौ मजदूर हिंसक प्रदर्शन के आरोप में यूएई की अनेक जेलों में बंद हैं। इनमें से अधिकतर भारतीय हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि भारत उनकी तत्काल रिहाई की कोशिश में है।
यूएई में भारतीय राजदूत तालमिज अहमद ने प्रदर्शन की निंदा की है। उन्होंने बताया कि दूतावास यूएई अधिकारियों से संपर्क में है। कैद भारतीय मजदूरों की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूएई अधिकारियों से कहा गया है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के साथ देश के कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जो मजदूर घटना में शामिल नहीं थे, उन्हें रिहा कर काम पर जाने देना चाहिए।
बताया जाता है कि श्रमिकों ने कैंप में घटिया भोजन दिए जाने के खिलाफ शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने कथित तौर पर तोड़फोड़ भी की और कैंप प्रभारी की जमकर पिटाई की। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने कैंप के बाहर खड़े कुछ वाहनों को भी फूंक डाला। प्रदर्शनकारियों में से कई श्रमिक पंजाब, तमिलनाडु और केरल के निवासी हैं। अधिकारियों ने इनसे पूछताछ की और इनकी अंगुलियों के निशान लिए। अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं कि वास्तव में हिंसा फैलाने की कोशिश करने वाले कौन थे? अधिकारी उन श्रमिकों को छोड़ देने के पक्ष में बताए जाते हैं जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया था।