
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने नेपाल के अनुरोध पर यहां पूर्व माओवादी विद्रोहियों और नियमित सेना के एकीकरण की प्रक्रिया में सहयोग के लिए अपने शांति मिशन को छह महीनों के लिए और बढ़ा दिया है।
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र मिशन [यूएनएमआईएन] के प्रमुख इयान मार्टिन ने कहा कि नेपाल में अभी भी दो सेनाएं हैं। पूर्व विद्रोहियों के भविष्य के दीर्घकालीन समाधान के लिए हथियारों और सेनाओं की निगरानी जारी रखना महत्वपूर्ण कार्य है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाले शिविरों में अभी भी 19 हजार पूर्व विद्रोही हैं।
सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्म्ति से प्रस्ताव पारित करके मिशन का कार्यकाल अगले साल 23 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया। उसने नेपाल के राजनीतिक दलों से शांति प्रक्रिया के समर्थन का आह्वान किया ताकि यूएनएमआईएन अपना काम जल्दी पूरा सके। नेपाल में संरा मिशन के तहत 186 सशस्त्र निगरानीकर्ताओं सहित करीब एक हजार कर्मी हैं। यूएनएमआईएन की स्थापना पिछले साल नेपाल की मदद के लिए की गई थी। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी सीपीएन-एम और नेपाली सेना के हथियारों तथा सशस्त्र जवानों के प्रबंधन और युद्धविराम पर निगरानी रखने के लिए भी संयुक्त राष्ट्र मिशन जिम्मेदार है।