
सैन फ्रांसिस्को। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पुष्टि की है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन कंप्यूटर वायरस ने हमला बोला था। लेकिन उसे 25 जुलाई को खास साफ्टवेयर के जरिए निष्क्रिय कर दिया गया।
नासा के प्रवक्ता केली हंफ्रिज ने बुधवार को यहां बताया कि यह वायरस उस लैपटाप में था जिसे अंतरिक्ष यात्री टेक्सास स्थित नियंत्रण कक्ष से ई-मेल के आदान-प्रदान के लिए इस्तेमाल करते थे। कंप्यूटर वायरस ऐसा साफ्टवेयर है जिससे पासवर्ड या अन्य संवेदनशील डाटा चुराया जा सकता है। बाद में हैकर इन आंकड़ों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
शुक्र है कि जिस लैपटाप में यह वायरस पाया गया उसका अंतरिक्ष केंद्र की नियंत्रण प्रणाली से कोई संबंध नहीं था। हंफ्रिज ने बताया कि अंतरिक्ष यात्री इस तरह के उपाय करने में लगे हैं कि भविष्य में ऐसी घटना फिर न हो। उन्होंने कहा कि इस वायरस का अंतरिक्ष केंद्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
नासा अब इस बात की जांच में लगा है कि क्या यह वायरस लैपटाप में संगीत, वीडियो या अन्य डिजिटल फाइल वाले मेमोरी ड्राइव में छुपाकर भेजा गया। हंफ्रीज ने कहा कि यह अंतरिक्ष स्टेशन में कंप्यूटर वायरस पहुंचने का पहला मामला नहीं था, इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।