
सिडनी। धूम्रपान करने वाली महिलाओं के लिए यह आंखें खोलने वाली बात है। आस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं का कहना है कि जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं उनमें डिप्रेशन का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
शोध के मुताबिक तनाव कम करने के लिए किया जाने वाला धूम्रपान एक तरह के डिप्रेशन डिजार्डर को जन्म देता है। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसके लिए रोजाना 20 से अधिक सिगरेट पीने वाली महिलाओं का अध्ययन किया। उन्होंने धूम्रपान नहीं करने वाली महिलाओं की तुलना में सिगरेट पीने वाली महिलाओं में डिप्रेशन का खतरा दोगुना पाया।
प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर जूली पास्को का कहना है कि अब हम धूम्रपान के दौरान या धूम्रपान छोड़ने के बाद होने वाले डिप्रेशन पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अध्ययन के नतीजे दुनिया भर की महिलाओं को धूम्रपान के खतरों से अवगत कराएंगे।