..तो बर्फ से ढक जाएगी धरती

 
Jan 05, 11:52 pm

लंदन। ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन के कारण गर्म नहीं, बर्फ से ढक जाएगी धरती। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि यदि जल्द ही ग्लोबल वार्मिग के लिए जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैसों [मिथेन, कार्बन डाइ आक्साइड, नाइट्रस आक्साइड] की मात्रा को वायुमंडल में बढ़ने से रोका नहीं गया तो धरती पर हिमयुग वापस आ सकता है।

द डेली टेलीग्राफ में बर्मिघम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के हवाले से बताया गया कि 63 सौ लाख वर्ष पूर्व धरती के वातावरण में सिर्फ कार्बन डाइ आक्साइड थी। तब धरती गरम थी, लेकिन पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि ग्लोबल वार्मिग को नियंत्रित नहीं किया गया तो इस तरह की स्थिति दोबारा आ सकती है। ग्रीन हाउस गैसों के अत्यधिक उत्सर्जन से वायुमंडल में प्रदूषण की चादर बन जाती है। इसके कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ती तो हैं लेकिन इनमें से कुछ किरणें [इंफ्रारेड रेज] वापस अंतरिक्ष में नहीं जा पाती। इससे धरती का तापमान बढ़ जाता है। नए शोध में कहा गया है कि प्रदूषण की यह चादर सौर किरणों को धरती पर आने से रोक भी सकती है। इस स्थिति में इसका उलटा असर देखने को मिल सकता है। यानी धरती पर बर्फ ही बर्फ जम सकती है।

लंदन के समाचार पत्र डेली टेलीग्राफ में प्रमुख शोधकर्ता इयान फेयरचाइल्ड के हवाले से बताया गया कि हम इस निष्कर्ष पर तमाम परीक्षणों के बाद पहुंचे हैं। अपनी खोज में हमने पाया कि धरती किसी समय में बाहर से गरम थी, जबकि अंदर की सतह पर बर्फ ही बर्फ थी। अतीत में प्राकृतिक रूप से ऐसा हो चुका है। और तकनीक के गलत इस्तेमाल के चलते ऐसा फिर हो सकता है।




लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(34) वोट का औसत

average:4.264706
Saving...
    शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
  • राजनीति
    Add to My Yahoo! xml
  • अपराध
    Add to My Yahoo! xml
  • आतंकवाद
    Add to My Yahoo! xml
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित