
काठमांडू। नेपाल की राजधानी और उसके पड़ोसी जिलों में सोमवार को जनजीवन हड़ताल की वजह से अस्तव्यस्त रहा। काठमांडू घाटी के एक प्रभावशाली जातीय समूह ने क्षेत्र की स्वायत्तता की मांग करने के लिए हड़ताल बुलाई थी।
केंद्रीय नेपाल में नेवर्स ने काठमांडू घाटी को स्वायत्त क्षेत्र घोषित करने की मांग पर दबाव बनाने के लिए सामान्य हड़ताल बुलाई। बाजार, स्कूलों और कालेजों के बंद रहने से काठमांडू में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। सीपीएन-यूएमएल, एनसी और अन्य माओवादियों से संबंधित नेवर्स के आठ संगठनों द्वारा बुलाए गए इस बंद के कारण कारखानों में काम और सड़को पर निजी तथा सार्वजनिक परिवहन रूका रहा।
इन आठ संगठनों ने काठमांडू घाटी को स्वायत्त क्षेत्र घोषित करने की मांग के अलावा कहा है कि बाहरी रिंग रोड का निर्माण कार्य रोका जाए, क्योंकि इससे उपजाऊ जमीन में कमी आएगी। उनकी मांग है कि घाटी को केंद्रीय सरकार के क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाए।
उन्होंने क्षेत्र के पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन और शांति बनाए रखने के लिए बाहरी लोगों की बढ़ती अनियंत्रित आबादी रोके जाने की मांग की है।