काठमांडू। नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार से श्रद्धालुओं के लिए फिर खोल दिया गया है। बीते शुक्रवार को दो नवनियुक्त भारतीय पुजारियों की माओवादियों द्वारा पिटाई के बाद मंदिर आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था। उधर, भारतीय पुजारियों के विरोध में माओवादियों का प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। उन्होंने मंदिर की तरफ जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया। माओवादी भारतीय पुजारियों को हटाने व उनकी जगह खुली प्रतियोगिता करा कर नेपाली पुजारियों को नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं।
रविवार तड़के चार बजे मंदिर के द्वारा खुलने से काफी पहले बाहर सैकड़ों श्रद्धालु जुट गए थे। पशुपति एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट [पीएडीटी] के सचिव सुशील नाहटा ने बताया कि मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया है। श्रद्धालुओं को कड़ी जांच के बाद ही मंदिर में जाने दिया जा रहा है।
नाहटा ने उन खबरों का खंडन किया कि नवनियुक्त पुजारी भारत लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'पुजारी मंदिर में अपना काम कर रहे हैं। हम उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।'
उधर, माओवादी प्रवक्ता कृष्ण बहादुर महार ने पुजारियों के पीटे जाने में स्थानीय लोगों का हाथ बताया है। नेपाल की विदेश मंत्री सुजाता कोइराला ने इस घटना को दुखद बताया है। उन्होंने कहा, 'भारतीय पुजारियों पर हमला काफी दुखद घटना है। इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के रिश्तों पर खासा असर डाल सकती हैं।'