
वाशिंगटन। अमेरिका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा है कि अल कायदा और तालिबान के खिलाफ मोर्चा खोलने के बावजूद ज्यादातर पाकिस्तानी नेता और खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने लिए सबसे बड़ा खतरा भारत को ही मानते हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल डेविड पेट्रियास ने कहा, 'पाकिस्तान अभी भी हिंदुस्तान को अपने लिए अल कायदा और तालिबान से बड़ा खतरा मानता है। यह तब है जब उसकी सेना आतंकी संगठनों के खिलाफ दुरुह लड़ाई लड़ रही है।' उन्होंने पाकिस्तान द्वारा स्वात घाटी में आतंकियों के खिलाफ उठाए गए कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान से स्वात घाटी में तालिबान के कई बड़े सरगना मारे गए और गिरफ्तार किए गए।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के कबाइली इलाकों जैसे बाजौर, मोमाह और खैबर में सेना ने की तालिबान लड़ाकों को मार गिराने में काफी मदद मिली है। दक्षिण वजीरिस्तान में तालिबान की स्थिति अब भी बेहद मजबूत है। वहां कुछ अन्य चरमपंथी समूह जैसे हक्कानी नेटवर्क, कमांडर नासिर, हिकमतयार का हिज्ब इस्लामी काफी सक्रिय हैं। इन सभी के तार पूर्वी अफगानिस्तान से जुड़े हैं। अल कायदा खत्म होने की कगार पर है।
अफगानिस्तान में तालिबान ही अल कायदा का संरक्षक था। लेकिन तालिबान को वहां सत्ता से उखाड़ फेंका गया है और अमेरिकी सेना तैनात है। इसीलिए अल कायदा 9/11 जैसे बड़े हमले फिर अंजाम नहीं दे सका।