
दुबई। अगर इस साल आपको हज यात्रा पर जाना है तो अपना गुटखा, बीड़ी और तंबाकू यहीं छोड़कर जाना होगा। हज यात्रा को इस साल तंबाकूमुक्त बनाने के लिए सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मक्का और मदीना के पवित्र स्थलों पर 'धूम्रपान निषेध अभियान' छेड़ा है।
इन दोनों पवित्र स्थलों से पांच किलोमीटर के दायरे में तंबाकू और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध होगा। हालांकि इन शहरों को पूरी तरह से तंबाकूमुक्त बनाने की इस मुहिम में भाषाई दीवारें आड़े आ रही हैं। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम [टीसीपी] के सुपरवाइजर जनरल माजिद अल मुनीफ ने बताया, 'इस कार्यक्रम के तहत हमने हज यात्रियों को बाटने के लिए विभिन्न भाषाओं में करीब 15 लाख पर्चे तैयार करवाए हैं।'
इन पर्चो को बसों, मस्जिदों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चिपकाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'सबसे कम तंबाकू का सेवन करने वाले दुनिया के शहरों में मक्का और मदीना को शामिल करने के लिए हमें हज यात्रियों के सहयोग की जरूरत है।' उल्लेखनीय है कि 2002 में सऊदी अरब के शासक अब्दुल्ला ने इन दो पवित्र शहरों को तंबाकूमुक्त घोषित किया था। तब से वहां तंबाकू के सेवन को खत्म करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हर साल 20 लाख से ज्यादा लोग हज यात्रा पर जाते हैं।