वाशिगटन। शीत युद्ध के जमाने के यू-2 खुफिया विमान भले ही उम्रदराज हो गए हों लेकिन वह अमेरिकी वायुसेना के बेड़े में 2015 तक बने रहेंगे।
इस मामले में अमेरिकी वायुसेना का कहना है कि उनकी जगह लेने वाले मंहगे ड्रोन ज्यादा प्रभावी नहीं होते हैं। पेंटागन द्वारा घोषित किए गए बचत उपायों के तहत अधिकारियों ने 1950 के दशक के यू-2 जहाजों को मानव रहित ग्लोबल हॉक विमानों से बेहतर बताया है जिन्हें 2015 में यू-2 की जगह लेनी है। वायुसेना जनरल लैरी स्पेंसर ने बताया कि अफगानिस्तान और अन्य जगहों पर टोह लेने, तस्वीरें लेने के लिए दोनों ही विमान बेहद ऊंचाई पर उड़ते हैं लेकिन यू-2 की तस्वीरें ग्लोबल हॉक की तुलना में ज्यादा ऊच्च गुणवत्ता की होती हैं।
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