
काठमांडू। नेपाल में शीर्ष माओवादी नेता प्रचंड ने चेतावनी दी है कि अगर देश में चुनाव प्रक्रिया के साथ कोई गड़बड़ी करने की कोशिश की गई तो वे काठमांडू स्थित नरेश के महल पर धावा बोल देंगे।
राजधानी में बृहस्पतिवार को चुनावी बैठक में कार्यकर्ताओं से सीपीएन माओवादी नेता ने कहा कि हम संविधान सभा के जरिए एक नए नेपाल का निर्माण करना चाहते है। यदि शाही महल ने चुनाव में धांधली करने के लिए कोई भी षड्यंत्र किया और उन्हे हराया गया तो वे नारायणहिती शाही महल पर कब्जा कर लेंगे।
उधर, प्रचंड ने यहां एक साक्षात्कार में अपने नजरिए को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि दस अप्रैल को होने वाले चुनाव स्वतंत्र व निष्पक्ष होंगे तो वे नतीजों का सम्मान करेगे, चाहे इसमें उनकी पार्टी की हार ही क्यों न हो जाए।
प्रचंड ने आरोप लगाया कि माओवादियों को खत्म करने के लिए षड्यंत्र किए जा रहे है। अमेरिका, भारत, राजशाही लोग व अन्य ताकतें उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने विशेष तौर पर अपनी युवा शाखा यंग कम्युनिस्ट लीग के कार्यकर्ताओं सहित माओवादियों से आग्रह किया कि वे आगामी चुनावों की सफलता के लिए संयम रखें। माओवादियों पर चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं और विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगता रहा है। इस बात की आशंका जताई गई है कि यदि चुनाव के नतीजे उनके खिलाफ गए तो वे और हिंसक हो सकते है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनावी समर में विजेता के रूप में उभर कर सामने आएगी।
प्रचंड ने अन्य पार्टियों पर विदेशी हाथों में खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेपाली कांग्रेस और सीपीएन यूएमएल को भारत व अमेरिका समर्थन दे रहे है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी दोबारा हथियारों का सहारा नहीं लेगी बल्कि माओवादियों को हराने के लिए की जाने वाली किसी भी साजिश के खिलाफ शांतिपूर्ण अभियान चलाएगी।
उधर, शीर्ष माओवादी नेता ने आज एक साक्षात्कार में यहां कहा कि संविधान सभा के नतीजे जो भी हों, माओवादी प्रतिस्पर्धी राजनीति में बने रहेंगे। नेपाल में इन दिनों सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी है। माओवादी भी जमकर चुनाव प्रचार कर रहे है। इसके उपरांत प्रचंड ने एक रैली को भी संबोधित किया। इस दौरान प्रचंड ने कहा कि चुनाव में उनकी पार्टी की जीत तय है और नेपाल पूर्ण गणतांत्रिक देश बनाकर रहेगा। राजधानी में हुई इस रैली में देश भर से माओवादी समर्थक आए थे और उनके हाथों में मार्क्स, लेनिन, स्टालिन, एंगेल्स आदि की तस्वीरें थी।
गौर हो कि माओवादी नेताओं ने कई बार विवादास्पद बयान दिए है। कई बार तो उन्होंने चुनाव के नतीजों को अस्वीकार करने तक की धमकी दी है। ऐसे में प्रचंड का उपरोक्त बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।