
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि पिछले महीने संपन्न ऐतिहासिक संविधान सभा चुनाव के बावजूद नेपाल को अपनी शांति प्रक्रिया पूरी करने के लिए लंबी दूरी तय करनी है।
उन्होंने एक नई रिपोर्ट में कहा कि शांति प्रक्रिया में चुनाव सिर्फ मील के पत्थर हैं। असली कार्य देश की गंभीर सामाजिक, आर्थिक समस्याओं की ओर ध्यान देना और ऐसा संविधान तैयार करना है जिसमें पूरे देश की आकांक्षा स्पष्ट हो।
चुनावों को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि माओवादियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिबद्धता और सहयोग से वह काफी उत्साहित हैं। माओवादी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आए हैं। उन्होंने नेपाल की सभी राजनीतिक पार्टियों का आह्वान किया कि वे देश के दीर्घावधि हितों पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
मून ने कहा कि उन्हें नेपाल में संयुक्त राष्ट्र मिशन के विस्तार की उम्मीद नहीं है, लेकिन एजेंसी शांति प्रक्रिया पूरी होने में मदद जारी रखने की पेशकश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि नेपाल में दीर्घावधि स्थिरता के लिए यह काफी महत्वपूर्ण समय है और संयुक्त राष्ट्र नेपाल के लोगों और नेताओं के साथ है।