
काठमांडू। माओवादी प्रमुख प्रचंड ने सोमवार को दुनिया के सबसे नए गणतांत्रिक देश नेपाल के पहले प्रधानमंत्री के रूप में जनता के नाम पर पद की शपथ ली। इस तरह वह राजशाही से लड़ने वाले एक छापामार से देश के सबसे अधिक प्रभावशाली नेता बन गए। भारतीय मूल के राष्ट्रपति राम बरन यादव ने 53 वर्षीय पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड को यहां राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रचंड ने कहा कि संविधान का सम्मान करते हुए मैं निष्पक्ष रूप से बिना किसी पूर्वाग्रह और बिना किसी भय के अपने कर्तव्य का निर्वहन करूंगा। राष्ट्रपति जहां परंपरागत नेपाली वेषभूषा दाउरा-सुंवाल में थे वहीं प्रचंड ने सिलेटी रंग का पश्चिमी सूट पहन रखा था। उन्होंने टाई बांधी थी और उनके सिर पर काली टोपी थी। उप राष्ट्रपति परमानंद झा धोती कुर्ते में थे।
निवर्तमान प्रधानमंत्री जी पी कोइराला शपथग्रहण समारोह में मौजूद नहीं थे। समारोह में उनकी पार्टी का प्रतिनिधित्व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में नेपाल-इंडिया पार्लियामेंट्री फोरम के अध्यक्ष तथा जदयू नेता शरद यादव के नेतृत्व में भारतीय राजनीतिक दलों का एक चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर का साक्षी बना। शरद यादव ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार सुबह नया बाजार स्थिति प्रचंड के निवास पर उनसे मुलाकात कर अपनी शुभकामना प्रकट की।
प्रचंड की सुरक्षा के लिए पुलिस और सेना तैनात की गई थी। इसके अलावा उनकी सुरक्षा में आधे दर्जन माओवादी सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। दिलचस्प बात यह है कि नेपाल सेना प्रमुख कमनगाद काटूवाल प्रचंड के लिए तय सीट के पास खडे़ थे लेकिन नए प्रधानमंत्री के आगमन से पहले उनसे वहां से हट जाने को कहा गया।
सीपीएन-माओवादी पार्टी के प्रमुख प्रचंड नेपाल के दूसरे कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले मनमोहन अधिकारी ने 1995 में पदभार संभालने के बाद नौ माह तक सीपीएन-यूएमएल की अल्पमत सरकार चलाई थी।
प्रचंड अपनी पहली विदेश यात्रा पर शनिवार को चीन की राजधानी बीजिंग के लिए रवाना होंगे। वह बीजिंग ओलंपिक खेलों के समापन समारोह में भाग लेंगे। इस यात्रा को भारत पर चीन की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अभी तक नेपाल के शीर्ष नेताओं ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत का चुनाव किया था। प्रचंड से पहले देश में राजशाही के खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री बने गिरिजा प्रसाद कोइराला अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत आए थे।