
क्राफोर्ड। अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने जार्जिया के विद्रोही क्षेत्रों दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया को स्वतंत्र एवं संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की रूस की घोषणा की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक गैर जिम्मेदार फैसला करार दिया है और चेतावनी दी है कि इससे तनाव और बढे़गा। इस बीच, यूरोपीय संघ ने भी इस मामले में रूस के निर्णय की आलोचना की है।
बुश ने मंगलवार को यहां कहा कि रूस का यह फैसला जार्जिया और उसके बीच फ्रांस की मध्यस्थता में इस महीने की शुरूआत में हुए संघर्षविराम समझौते के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अपने प्रस्ताव में दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया को जार्जिया का हिस्सा बताया है।
इस बीच, एक बयान में ईयू ने कहा कि रूस का यह कदम जार्जिया की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मान्यता प्राप्त सिद्धांतों, यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग परिषद के सम्मेलन तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ है। बयान में कहा गया है कि ईयू जार्जिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय अखंडता के लिए वचनबद्ध है। बयान के अनुसार ईयू जार्जिया में संघर्ष के राजनीतिक समाधान के साथ ही रूस के निर्णय से होने वाले परिणामों पर विचार करेगा।
उल्लेखनीय है कि संघर्षविराम समझौते और अमेरिका तथा यूरोप के दबाव के बावजूद रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया को स्वतंत्र एवं संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की घोषणा पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम चाहते हैं कि रूस अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करे अपने गैर जिम्मेदार फैसले पर पुनर्विचार करे तथा संघर्षविराम समझौते का पालन करे। बुश ने कहा कि रूस के इस कदम से केवल तनाव बढ़ेगा और कूटनीतिक वार्ता जटिल हो जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया अब भी जार्जिया के अंग हैं और उन्हें जार्जिया का ही हिस्सा बना रहना चाहिए। उधर राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा ने भी रूस के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए विश्व समुदाय से अनुरोध किया कि वह इस फैसले में रूस का साथ कतई न दे। ओबामा में कंसास सिटी में जारी एक लिखित बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत एक आपात बैठक बुलाकर रूस के इस कदम की कड़ी निंदा करनी चाहिए। इस बीच जर्मनी की राष्ट्रपति एंजेला मर्केल ने भी दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया को स्वतंत्र राष्ट्रों के रूप में मान्यता देने की रूस की घोषणा का आलोचना करते हुए उम्मीद जताई कि यूरोपीय संघ इस विवाद का कोई हल निकालने में सफल रहेगा।
मर्केल ने एस्टोनिया की राजधानी टेलिन में कहा कि वह सोमवार को यूरोपीय संघ की शिखर वार्ता शुरू होने से पहले इस संबंध में रूसी नेताओं से बात करेंगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण ओसेतिया और अबखाजिया को मान्यता देने के रूस के फैसले को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। जर्मन चांसलर ने कहा कि रूस का यह कदम क्षेत्रीय एकता के मूलभूत अधिकार का उल्लंघन करता है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह रूस के साथ बातचीत करके इस समस्या का हल निकालने के पक्ष में हैं।