
इस्लामाबाद। अमेरिकी मीडिया में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के हवाले से भले ही छपा हो कि कश्मीर में आतंकवादी सक्रिय हैं, लेकिन पाकिस्तान इसे झूठ बता रहा है। देश की सूचना मंत्री और सत्ताधारी पीपीपी की नेता शेरी रहमान का कहना है कि जरदारी ने कश्मीर की आजादी के संघर्ष को कभी आतंकवाद से नहीं जोड़ा। उनका यह भी कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर मामले में अभी भी अपने पुराने रुख पर ही कायम है।
रहमान ने सोमवार को कहा कि कश्मीर मामले में हम अभी भी कश्मीरियों के खुद निर्णय लेने के अधिकार का समर्थन करते हैं। उन्होंने इस मसले पर भारत के साथ बातचीत करने का पाकिस्तान का रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में भारत, पाकिस्तान और कश्मीर के नुमाइंदों को शामिल किया जाना चाहिए।
रहमान का यह बयान जरदारी के उस बयान के अगले ही दिन आया है, जिसमें उन्होंने कश्मीर में सक्रिय चरमपंथियों को आतंकवादी करार दिया था। उन्होंने यह बात अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में कही थी। लेकिन रहमान ने कहा कि जरदारी ने कश्मीर की आजादी के संघर्ष को आतंकवाद से कभी नहीं जोड़ा है।
जरदारी के बयान का भारत ने स्वागत किया था और उम्मीद जताई थी कि वह आतंकवाद से लड़ने में अपनी कथनी और करनी में समानता लाएगा।