चीन-पाक के नए परमाणु समझौते पर अमेरिका सख्त

 
Nov 21, 08:38 pm

वाशिंगटन। अमेरिका ने परमाणु रिएक्टर के निर्माण को लेकर चीन और पाकिस्तान के बीच पनपते रिश्तों पर ऐतराज जताया है। अमेरिका ने चीन से पाकिस्तान में दो और परमाणु रिएक्टर बनाने की अपनी योजना तत्काल रद करने को कहा है। अमेरिका का कहना है कि परमाणु क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान के बीच नए समझौते के लिए परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह [एनएसजी] की मंजूरी जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान के लिए ऐसा करना आसान नहीं होगा। अमेरिका के वैधानिक मामलों के सहायक मंत्री मैथ्यू रेनाल्ड ने कहा कि प्रस्तावित पाक-चीन परमाणु समझौते पर अमेरिका पहले ही अपना रुख साफ कर चुका है। उन्होंने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद को बता दिया गया है कि चस्मा तृतीय और चतुर्थ परमाणु रिएक्टर परियोजना पर आगे काम नहीं होना चाहिए। इस परियोजना पर तत्काल काम बंद होना चाहिए।

डेमोक्रेट सांसद एडवर्ड जे मर्की को लिखे एक पत्र में रेनाल्ड ने यह बात कही है। रेनाल्ड ने कहा कि वाशिंगटन कई दफा दोनों देशों के संबंधित अधिकारियों को साफ कर चुका है कि पाक के इन प्रोजेक्ट पर काम रुकना चाहिए। इस संबंध में दोनों देशों से कई बार स्पष्टीकरण भी मांगा जा चुका है।

उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में हम एनएसजी के सदस्य देशों के संपर्क में हैं और उनमें से अधिकांश हमारे रुख से सहमत हैं। उन्होंने कहा, हालांकि पाकिस्तान में ऊर्जा जरूरतों को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन, एनएसजी में नए चीन-पाकिस्तान परमाणु समझौते को मंजूरी मिलने की संभावना कम ही है।




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