
वाशिंगटन। मुंबई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिका की एक अग्रणी लोकनीति संगठन ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से कहा कि वे दोनों देशों को सैन्य टकराव से दूर रहने के लिए राजी करें।
ब्रुकिंग इंस्टीट्यूट ने एक शोधार्थी वांदा फेलबाब ब्राउन द्वारा लिखे गए ज्ञापन में कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव से प्रत्यक्ष सैन्य टकराव होने का डर है इसलिए इस खतरनाक स्थिति को टालने और नाजुक क्षेत्र में एक सुरक्षा कार्ययोजना की तैयारी का नेतृत्व करने के लिए दुनिया की निगाहें आपकी ओर हैं।
वांदा जार्जटाउन विश्वविद्यालय के स्कूल आफ फारेन सर्विस में प्राध्यापक हैं। ओबामा के 20 जनवरी के शपथ ग्रहण को देखते हुये ब्रुकिंग ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर ओबामा के नाम कई ज्ञापन जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि यथाशीघ्र यह आवश्यक है कि आपका प्रशासन दोनों देशों को सैन्य कार्रवाई से दूर रहने की अपील करें।
ज्ञापन में कहा गया है कि तात्कालिक संकट के अलावा आपके पास क्षेत्र के लिये एक व्यापक कार्ययोजना होनी चाहिए जो लंबे समय से चली आ रही कश्मीर मुद्दे जैसे पेचीदा मुद्दों की पहचान करे। उन्होंने सुझाव दिया है कि पहले कदम के रूप में आपके शपथ ग्रहण भाषण में दक्षिण एशिया को लेकर आपकी पूरी रणनीति का खाका खींचा जाना चाहिए। अमेरिका और पूरी दुनिया के नेता इसे ध्यानपूर्वक सुनेंगे। उन्होंने लिखा है कि हजारों की तादाद में पाकिस्तानी सेना भारत पाक सीमा की ओर जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि परमाणु अस्त्रों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है।