
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बढ़ते राजनीतिक दबाव के चलते पाकिस्तान के सत्तारूढ़ दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी [पीपीपी] ने उस विवादास्पद अध्यादेश पर नेशनल असेंबली से मुहर लगवाने का इरादा त्याग दिया है जिसके तहत जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खत्म किए गए थे।
पीपीपी के बदले रुख के बाद जरदारी के भविष्य को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता में हुई पीपीपी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के बाद पार्टी ने ऐलान किया कि वह संसद से 'नेशनल रिकंसिलिएशन आर्डिनेंस' [एनआरओ] को मंजूरी देने के लिए नहीं कहेगी। 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा लागू एनआरओ से पीपीपी के नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले खत्म किए गए थे।
पीपीपी की सहयोगी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट [एमक्यूएम] के कुछ नेताओं के मुताबिक उनके पार्टी प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने लोकतंत्र को बचाने के लिए जरदारी को इस्तीफा देने की सलाह दी थी। वहीं मुख्य विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज [पीएमएल-एन] के प्रमुख नवाज शरीफ ने धमकी दी थी कि अगर एनआरओ को संसद की मंजूरी मिली तो वह राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे।
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट द्वारा 31 जुलाई को दिए आदेश के मुताबिक एनआरओ को चार महीने में संसद की मंजूरी लेनी होगी। मुशर्रफ ने एनआरओ को इसलिए लागू किया था ताकि पीपीपी अक्टूबर 2007 में हुए राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार न करे। मुशर्रफ सेना प्रमुख के पद से इस्तीफा दिए बगैर दोबारा इन चुनावों में राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। अगर एनआरओ को तय समय में संसद की मंजूरी न मिली तो यह स्वत: ही निरस्त हो जाएगा और फिर इसके तहत खत्म किए मामलों को दोबारा खोला जा सकता है।
जरदारी ने औने-पौने दाम पर खरीदी जमीन
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल की कथित मिल्कियत वाली एक निजी कंपनी ने दो अरब रुपए जमीन औने-पौने दाम पर खरीदी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक जरदारी ने मार्च में इस्लामाबाद में 307 एकड़ जमीन खरीदी थी। कैपिटल डेवलपमेंट अथारिटी [सीडीए] ने इस जमीन की कीमत दो अरब रुपये आंकी थी लेकिन जरदारी ने इस सौदे में महज छह करोड़ 20 लाख रुपये अदा किए। जरदारी ने यह सौदा 1997 में किया था। कराची आधारित एक निजी कंपनी पार्क लेन एस्टेट्स [प्राइवेट] लिमिटेड ने इस्लामाबाद में संगजानी के करीब फैसल सखी बट से जमीन खरीदी। अखबार 'द न्यूज' की रिपोर्ट के मुताबिक 'कंपनी में एक लाख 20 हजार शेयर हैं जिसमें से जरदारी और बिलावल के 30-30 हजार शेयर हैं।