एक हैं भारत-नेपाल के माओवादी

 
Nov 03, 09:16 pm

काठमांडू। भारत में नक्सलियों की बढ़ती ताकत नेपाल के माओवादियों की वजह से भी है। नेपाल के माओवादी उनका पूरा साथ दे रहे हैं। यह बात अब तक 'गुप्त, लेकिन सर्वविदित' थी, पर अब माओवादियों ने खुले आम मान ली है। यह स्वीकारोक्ति भारत में नक्सलियों से निर्णायक जंग की तैयारी में जुटी सरकार के लिए मुश्किल बढ़ने वाली है।

यूनाइटेड कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल-माओवादी [यूसीपीएन-एम] की स्थायी समिति के सदस्य सी.पी. गजुरेल ने कहा है कि उनका संगठन भारत में सशस्त्र आंदोलन कर रहे नक्सलियों को हर तरह से मदद दे रहा है। उनका यह बयान स्थानीय अखबार 'राजधानी' में छपा है। इस अखबार के माओवाद समर्थक एक पत्रकार से बातचीत में गजुरेल ने यह बात कही है। पर उन्होंने यह नहीं बताया कि वे भारतीय नक्सलियों को किस तरह की मदद दे रहे हैं।

वैसे, अखबार की इस खबर पर टिप्पणी मांगे जाने पर गजुरेल ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने बस यही कहा कि उनकी पार्टी भारत में चल रहे नक्सली आंदोलन के खिलाफ नहीं है। उन्होंने भारत में सक्रिय नक्सलियों के लिए कहा, 'वे जो सही समझ रहे हैं, वही कर रहे हैं। वे वहां आंदोलन चला रहे हैं और हम यहां चला रहे हैं। ऐसे में उनके आंदोलन का विरोध करने का सवाल ही नहीं है।'

नेपाल के माओवादी नेता की यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय आई है, जब कुछ ही दिन पहले भारतीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के जरिये हथियार मिल रहे हैं। कुछ दिन पहले 'राजधानी' अखबार ने ही भारत के बड़े नक्सली नेता किशन जी की नेपाल के माओवादियों से मुलाकात की भी खबर दी थी।




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