
नई दिल्ली। तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा से पूर्व अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि एक आध्यात्मिक हस्ती होने के नाते वह कहीं भी जाने को स्वंतत्र हैं।
अमेरिका की लोकतंत्र तथा वैश्विक मामलों की विदेश उपमंत्री मारिया ओतेरो ने यहां संवाददाताओं से कहा कि दलाई लामा एक धार्मिक नेता हैं और वह, निश्चित रूप से अपनी इस भूमिका को अदा करने के लिए कहीं की यात्रा कर सकते हैं।
दलाई लामा की रविवार को होने वाली तवांग की यात्रा पर चीन के विरोध के बारे में उनकी प्रतिक्रिया पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दलाई लामा धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा रहे हैं हमारे दृष्टिकोण से, यह उनकी उन भूमिकाओं में से एक है जिसे वह निभाते हैं।
ओतेरो ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस माह चीन यात्रा पर जा रहे हैं और निश्चित रूप से चीनी नेताओं के साथ बातचीत में तिब्बत एक मुद्दा होगा। ओबामा की प्रस्तावित यात्रा तथा उसमें तिब्बत मुद्दे के संबंध में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि किसी को भी यह समझ में आ सकता है कि यह मुद्दा चीन के साथ होने वाली चर्चाओं में विचार का मुद्दा हो सकता है।
ओतेरो ने कहा कि एक बार फिर कह दूं, मैं निश्चित रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सकती कि कैसे और क्या होगा लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि यह एक मुद्दा है जो हमारे सामने है। मैं निश्चित रूप से इसे देख रही हूं। ओतेरो तिब्बत मामले पर अमेरिका की विशेष समन्वयक भी हैं।
उन्होंने कहा कि तिब्बत काफी हद तक दलाई लामा का प्रतीक हो गया है। वह ऐसी हस्ती हैं जो अमेरिका में बेहद आदरणीय है और उन्हें धार्मिक नेता के तौर पर बेहद सम्मान दिया जाता है। ़निश्चित तौर पर यह उनका तिब्बत का प्रतिनिधित्व करने के चलते है। राष्ट्रपति ओबामा दलाई लामा के प्रति बेहद सम्मान की भावना रखते हैं।