
सेंट एंड्रूज। मेजबान ब्रिटेन ने जी-20 के वित्त मंत्रियों से अपने मतभेद भुलाने तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े मसले के लिए वित्त पोषण पर सहमति बनाने को कहा है। हालांकि, अगले महीने संयुक्त राष्ट्र में होने वाली बैठक में इस मसले पर किसी तरह के करार की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।
दुनिया की 20 सबसे बड़ी तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं के राजनेता तथा केंद्रीय बैंकर शनिवार को दूसरे दिन संकट में फंसी विश्व अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए बातचीत करेंगे।
जी-20 के सूत्रों ने कहा कि बैठक में जलवायु वित्त के संवेदनशील मुद्दे पर भी विचार-विमर्श होगा। विशेषकर इस बात पर चर्चा होगी कि अमीर राष्ट्रों द्वारा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए गरीब देशों के लिए जो फंड की प्रतिबद्धता जताई गई है, उसका वितरण किस तरह किया जाए।
एक फ्रांसीसी सूत्र ने कहा कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को रोकने के लिए कोपनहेगन वार्ता नजदीक होने के बावजूद इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि कुछ उभरते देशों का कहना है कि जी-20 इस मसले पर चर्चा के लिए उपयुक्त मंच नहीं है।