कोलंबो। अमेरिका सरकार मालदीव में सत्ता हस्तांतरण की एक स्वतंत्र जांच प्रक्रिया के पक्ष में है। यह जानकारी अमेरिकी के विदेश विभाग ने दी है। एक समाचार पत्र के हवाले से बताया गया है कि दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के अमेरिकी विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक ने कहा कि मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद हसन इस जांच के लिए सहमत है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र ने मालदीव में सत्ता हस्तांतरण की किसी भी तरह की जांच करने से सोमवार को इंकार कर दिया। उसने कहा कि मालदीव को अपनी समस्या का घरेलू समाधान निकालना चाहिए।
अपना तीन दिवसीय मिशन समाप्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र में राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव आस्कर फर्नाडीज-तारांको ने कहा कि मालदीव को इस संकट का घरेलू स्तर पर समाधान ढूढ़ना चाहिए, क्योंकि इस समस्या का कोई बाहरी समाधान नहीं है। फर्नाडीज-तारांको ने कहा कि मालदीव को मौजूदा संकट का कोई समाधान निकालना चाहिए।
तारांको ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वहीद हसन के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार को मान्यता दी है, वहीं पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने आरोप लगाया है कि यह सरकार सेना के नेतृत्व में विपक्ष व सरकार के कुछ लोगों द्वारा तख्तापलट के जरिए बनाई गई है। फर्नाडीज-तारांको ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और हिंसा न करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह एक सख्त संदेश है। सभी पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से मतभेद सुलझाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति वहीद से एमडीपी से सम्पर्क करने का आग्रह किया है और इसी तरह का आग्रह एमडीपी से भी किया है।
संयुक्त राष्ट्र का यह रूख ऐसे समय में सामने आया है, जब राष्ट्रमंडल के मंत्रियों का एक मिशन नशीद के इस्तीफे के पीछे के तथ्यों और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया की जांच के लिए मंगलवार को मालदीव पहुंच रहा है। फर्नाडीज-तारांको ने मालदीव में जल्द चुनाव की सम्भावना को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव संविधान अनुसार 2013 में ही होगा। ज्ञात हो कि सात फरवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति नशीद के इस्तीफे के बाद से मालदीव में चिंता का वातावरण बना हुआ है। पिछले सप्ताह नशीद के इस्तीफे से पहले और बाद में वहां हिंसा भड़क गई थी।
नशीद का परिवार श्रीलंका चला गया। लेकिन नशीद ने बताया कि वह मालदीव में ही रहेगे और लोकतंत्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
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